Haryana News: किसान की मेहनत पर फिरा पानी! जंडवाला बिश्नोईया में माइनर टूटने से 20 एकड़ फसल बर्बाद
उपमंडल के गांव जंडवाला बिश्नोईया के समीप से गुजर रही चौटाला माइनर में रविवार को अचानक दरार आ जाने से करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित किसानों ने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचित किया।
तेज बहाव से खेतों में भरा पानी
दरार पड़ते ही माइनर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैलने लगा। कुछ ही समय में कई खेत पानी से भर गए, जिससे खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलने पर बेलदार जोगेंद्र मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि माइनर का एक लंबा हिस्सा टूट चुका है और पानी का बहाव इतना तेज था कि शुरुआत में उसे नियंत्रित करना काफी मुश्किल हो रहा था। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी विभाग के जेई रोहित शर्मा को दी तो सूचना पाकर वह विभागीय कर्मचारियों और मशीनरी सहित मौके पर पहुंचे और जेसीबी की सहायता से दरार को भरने का काम शुरू किया।
चार घंटे की मशक्कत, फिर भी जारी रहा रिसाव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसानों और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर जेसीबी मशीन की सहायता से दरार को भरने का कार्य शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दरार को अस्थायी रूप से बंद किया गया, लेकिन तेज बहाव के कारण दोबारा रिसाव शुरू हो गया। इसके बाद आसपास के क्षेत्र से अतिरिक्त मिट्टी मंगवाकर दरार को मजबूती से भरा गया।
47 नंबर बुर्जी के पास आई थी दरार
जानकारी के अनुसार, माइनर में दरार 47 नंबर बुर्जी के पास आई थी। फिलहाल मिट्टी डालकर दरार को पाट दिया गया है और माइनर में पानी का बहाव सामान्य हो गया है। एहतियात के तौर पर किसान स्वयं भी टूटी हुई जगह पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
स्पेशल गिरदावरी की मांग
प्रभावित किसान सुधीर सीगड़ ने फसल नुकसान का आकलन कराने के लिए स्पेशल गिरदावरी करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते दरार को पूरी तरह मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में फिर से नुकसान हो सकता है।
किसानों ने सिंचाई विभाग से माइनर की स्थायी मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
वहीं इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई रोहित शर्मा ने बताया कि सूचना पाकर वह स्वयं मौके पर पहुंचे थे और दरार को मिट्टी वगैरह डालकर पाट दिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही माइनर की रिमॉडलिंग होनी है , फिलहाल वन विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई का कार्य चल रहा है जैसे ही यह काम खत्म होगा तदोपरांत माइनर की रिमॉडलिंग का कार्य शुरू हो जाएगा।
