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हरियाणा में 8 मई को मिलेगा बारिश- ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा

 
Haryana Farmers Crop Damage Compensation Unseasonal Rains Hailstorm May 2026

हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पिछले मार्च और अप्रैल महीने में बेमौसमी बारिश और भारी ओलावृष्टि के कारण खेतों में बिछी फसलों का मुआवजा 8 मई को किसानों के बैंक खातों में सीधा ट्रांसफर किया जाएगा। इस प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश के 16 जिलों के 144 गांवों में व्यापक नुकसान हुआ था। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,821 किसानों ने सरकार के ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (e-Kshatipurti Portal) पर अपनी बर्बाद फसलों का ब्योरा दर्ज कराया है। किसानों द्वारा दिए गए दावों के मुताबिक, प्रदेश भर में 50,108.808 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई थीं।

सिरसा और करनाल में सबसे ज्यादा बरपा कुदरत का कहर

फसलों के नुकसान के मामले में सबसे ज्यादा मार सिरसा और करनाल जिले के किसानों पर पड़ी है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की बात करें तो सिरसा जिले के सर्वाधिक 30 गांवों के किसानों ने नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद करनाल के 21 गांवों में भारी तबाही दर्ज की गई है। कुदरत के इस कहर ने गेहूं और सरसों की पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। किसानों की शिकायत के बाद प्रशासन ने विशेष गिरदावरी (Special Girdawari) के आदेश दिए थे ताकि नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके।

8 मई को सीधा बैंक खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि

नुकसान के सत्यापन (Verification) का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 8 मई को चंडीगढ़ से एक क्लिक के जरिए किसानों के खातों में मुआवजा राशि जारी करेंगे। उन्होंने बताया, "मार्च और अप्रैल में आए बेमौसमी तूफान और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आए ब्योरे की राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर जांच पूरी हो चुकी है और अब पात्र किसानों को बिना किसी देरी के सहायता राशि दी जाएगी।" यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होगी।

सरकार का मुआवजा मानक और राहत प्रक्रिया

किसानों को मिलने वाली इस राहत राशि को लेकर कृषि विभाग ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अमूमन सरकार 75 से 100 प्रतिशत तक के भारी नुकसान पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देती है। हालांकि, जिन किसानों ने 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया हुआ है, उनका क्लेम बीमा कंपनियों के माध्यम से सेटल किया जाएगा। वहीं, जो किसान बीमा योजना के दायरे से बाहर थे, उन्हें ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के दावों के आधार पर राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन फंड से आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।

प्रभावित जिलों और गांवों की लिस्ट

राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न जिलों से पोर्टल पर मुआवजे की मांग करने वाले गांवों का ब्योरा इस प्रकार है:

जिला का नाम ई-क्षतिपूर्ति पर दर्ज प्रभावित गांवों की संख्या
सिरसा 30 गांव
करनाल 21 गांव
सोनीपत 14 गांव
कुरुक्षेत्र 13 गांव
हिसार (हांसी के 2 गांव सहित) 13 गांव
पानीपत 11 गांव
फतेहाबाद 10 गांव
यमुनानगर 08 गांव
जींद 08 गांव
झज्जर 04 गांव
चरखी दादरी 03 गांव
भिवानी 01 गांव


आगे की प्रक्रिया: पोर्टल पर अपडेट रखें अपना बैंक खाता

राजस्व विभाग ने सभी प्रभावित किसानों को हिदायत दी है कि वे अपने 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' और ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के प्रोफाइल में बैंक खाते और आधार कार्ड की जानकारी अपडेट रखें। 8 मई को फंड ट्रांसफर होने के बाद, यदि किसी किसान के खाते में तकनीकी कारणों से पैसे नहीं पहुंचते हैं, तो वे तुरंत अपने जिले के संबंधित कृषि विभाग कार्यालय या एसडीएम (SDM) दफ्तर में संपर्क कर सकते हैं।
 

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