हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: इन फसलों की खेती पर सरकार दे रही 1000 रुपये प्रति एकड़, 15 अप्रैल तक करें आवेदन
चंडीगढ़/रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों को पारंपरिक फसलों की जगह ढैंचा, दलहन और ग्वार जैसी वैकल्पिक फसलें उगाने पर 1,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के फसल विविधीकरण कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 15 अप्रैल तक ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
ढैंचा और दलहन से सुधरेगी मिट्टी की सेहत, घटेगी खाद पर निर्भरता
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना मुख्य रूप से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए लाई गई है। ग्रीष्म मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी फसलें मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं। वहीं, ढैंचा को बेहतरीन हरी खाद माना जाता है, जिसे खेत में पलटने से मिट्टी की संरचना में काफी सुधार होता है और इसका सीधा फायदा अगली फसल की पैदावार में देखने को मिलता है।

पोर्टल पर अपलोड करनी होगी खेत की फोटो, 16 अप्रैल से शुरू होगा सत्यापन
रेवाड़ी के कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को फसल की बुवाई के बाद उसकी फोटो ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल तक जारी रहेगी। इसके बाद 16 अप्रैल से 15 मई के बीच कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भौतिक सत्यापन करेंगे। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योग्य किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। किसान इस योजना की विस्तृत जानकारी के लिए अपने नजदीकी खंड कृषि अधिकारी या कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
