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किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, हरियाणा सरकार फसल की कटाई, ढुलाई के लिए देगी 70% का अनुदान

 
Haryana government provides 70% subsidy to horticulture farmers for packaging and transportation

सिरसा: उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा बागवानी किसानों को फसल तुड़वाई और कटाई के बाद उत्पादों के बेहतर प्रबंधन के लिए बड़ी राहत दी गई है। विभाग की इस योजना के तहत किसानों, उत्पादक समूहों और एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) को पैकिंग, भंडारण और परिवहन से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं पर लागत का 70 प्रतिशत तक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

यह योजना किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी। विभाग द्वारा यह अनुदान कटाई उपकरण, प्लास्टिक क्रेट्स, पैकिंग सामग्री और राज्य के बाहर माल ढुलाई जैसे विभिन्न कामों पर दिया जा रहा है, जिससे बागवानी किसानों को अपने उत्पादों को सुरक्षित रखने और बेहतर दाम दिलाने में मदद मिलेगी।

योजना के अंतर्गत कटाई से संबंधित उपकरणों पर किसानों को निर्धारित लागत मूल्य का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इन उपकरणों में क्लिपर, कटाई बैग और तिरपाल शीट शामिल हैं, जिनकी प्रति टूल किट लागत लगभग 700 रुपये निर्धारित की गई है। इसके तहत प्रति क्लस्टर अधिकतम 50 टूल किट तक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को कटाई के दौरान होने वाली परेशानियों से काफी राहत मिलेगी।

इसी प्रकार, प्लास्टिक क्रेट्स (20 किलोग्राम क्षमता) पर भी 50 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध है, जिसकी प्रति क्रेट लागत 310 रुपये है। यह सुविधा 150 सदस्यों तक के समूह के लिए है, जहां प्रति सदस्य 50 क्रेट्स तक ले सकता है, जिससे उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन में सुविधा होगी।

किन्नू, स्ट्रॉबेरी और मशरूम के लिए भी है खास सुविधा?

किन्नू के लिए पैकिंग सामग्री (10 किलो बॉक्स) पर भी 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसकी इकाई लागत 34 रुपये प्रति बॉक्स है। इस योजना के तहत प्रति किसान 1250 बॉक्स तक की सहायता दी जाएगी, जिससे किन्नू उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, स्ट्रॉबेरी और मशरूम के लिए 2 किलो के बॉक्स (8 पुनेट सहित) पर भी 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है, जिसकी लागत 65 रुपये प्रति बॉक्स निर्धारित की गई है।

सबसे बड़ी राहत राज्य के बाहर माल ढुलाई के लिए दी जा रही है, जहां व्यक्तिगत उत्पादकों और एफपीओ को 70 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत प्रति क्लस्टर या एफपीओ को अधिकतम 15 लाख रुपये तक और प्रति किसान को 1.50 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। गौरतलब है कि इन सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
 

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