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हरियाणा में ट्रेक्टर पर नहीं है नंबर तो मंडी में नहीं बिकेगी फसल, 5 नए नियम जो हर किसान को पता होने चाहिए

 
हरियाणा मंडी गेट पर ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन 2026

हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है और इस बार नियम पहले से काफी अलग हैं। रबी खरीद सीजन 2026–27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों पर किसान द्वारा गेहूं लाने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन की, आवक गेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर की जाएगी और बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आवक गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर नहीं लिखा, उसका गेटपास ही नहीं बनेगा और किसान गेहूं बेच नहीं पाएगा।

इसके साथ ही मंडी गेट पर बायोमेट्रिक मशीन भी लगाई जाएगी। जिस किसान के नाम पर पोर्टल पर पंजीकरण है, उसे मंडी प्रवेश के समय बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था फर्जी गेटपास और बिचौलियों के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लागू की जा रही है।

ई-खरीद पोर्टल हुआ अपग्रेड — अब जियो-फेंसिंग से होगी निगरानी

राज्य सरकार ने खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्तमान में कार्यरत ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया है, जिसके अंतर्गत कई नए प्रावधान किए गए हैं। इनमें सबसे अहम प्रावधान है जियो-फेंसिंग, जिसके तहत गेटपास केवल तभी जारी होगा जब किसान वास्तव में मंडी के निकट पहुँच जाए।

मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंस किया गया है, जिसके अंतर्गत खरीद प्रक्रिया के सभी चरण जैसे आवक गेटपास, बोली, आई-फॉर्म आदि मंडी या खरीद केंद्र स्थल पर ही जारी होंगे। इसका मतलब यह है कि अब घर बैठे फर्जी गेटपास बनाना या किसी और की जगह पर गेटपास कटवाना संभव नहीं होगा।

इस बार खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी, अपग्रेडेड ई-खरीद पोर्टल और जियो-फेंसिंग तकनीक जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने बताया है कि सरकार किसानों को अपनी उपज की बिक्री में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देगी।

किसान इन बातों का रखें ध्यान — चूक हुई तो गेट से वापस जाना पड़ेगा

इस बार मंडी में गेहूं बेचने जाने से पहले किसानों को निम्न तैयारियाँ अनिवार्य रूप से करनी होंगी:

  • ट्रैक्टर पर नंबर लिखवाएं: जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से गेहूं लाएंगे, उस पर रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना ज़रूरी है। मंडी गेट पर उस नंबर के साथ फोटो कैप्चर होगी — बिना नंबर वाला वाहन ई-खरीद पोर्टल पर अमान्य होगा।
  • बायोमेट्रिक के लिए खुद आएं: जिस किसान के नाम पर 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण है, उसी का अंगूठा मंडी गेट की बायोमेट्रिक मशीन पर लगेगा। किसी और को भेजने पर एंट्री नहीं होगी।
  • 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पंजीकरण अनिवार्य: केवल वे ही किसान मंडी में MSP पर अपनी फसल बेच सकते हैं जिन्होंने 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर रबी सीजन 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हो। punjabkesari
  • मंडी के पास पहुँचने पर ही बनेगा गेटपास: मंडी के निकट पहुँचने पर ही 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के माध्यम से किसानों के गेटपास जारी किए जाएंगे। इसलिए घर से निकलने से पहले नहीं, मंडी पहुँचने पर ही सिस्टम सक्रिय होगा।

राज्यभर में 416 मंडियों और खरीद केंद्रों पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहाँ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) मिलकर गेहूं की खरीद करेंगे। किसानों के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि रबी सीजन 2026 के लिए गेहूं की MSP में 160 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। 

जो किसान पहले से ई-खरीद पोर्टल (ekharid.haryana.gov.in) या ई-खरीद मोबाइल एप्लीकेशन पर पंजीकृत हैं, वे अपनी पसंद की मंडी और फसल लाने की तारीख का चयन खुद कर सकते हैं और QR कोड स्कैन करके मंडी में प्रवेश कर सकते हैं। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2060 पर संपर्क किया जा सकता है।
 

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