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हरियाणा में पॉली हाउस-ग्रीन हाउस के लिए 85 प्रतिशत अनुदान लेना हुआ और भी आसान, यहां जाने पूरा प्रोसेस

 
Polyhouse Subsidy Haryana Scheme
Haryana News (Sirsa): सिरसा: प्रदेश के किसानों के लिए संरक्षित खेती और वर्टिकल फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार बड़ा कदम उठा रही है। उद्यान विभाग द्वारा पॉली हाउस, ग्रीन हाउस, हाइड्रोपोनिक्स समेत आधुनिक कृषि तकनीकें अपनाने वाले किसानों को 85 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें बेमौसम सब्जियों व फलों का उत्पादन करने में सक्षम बनाना है। जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना, उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।

प्राकृतिक रूप से पॉलीहाउस, हाई-टेक ग्रीन हाउस, वॉक-इन टनल, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल, एंटी-इंसेक्ट नेट हाउस और बांस या बेलन आधारित नेट हाउस जैसी संरचनाओं पर 50 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित वर्ग के किसानों को 85 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति के भूमि पट्टा धारकों को 65 प्रतिशत तक सहायता दी जाएगी। अधिकतम अनुदान सीमा 2500 वर्ग मीटर तक निर्धारित की गई है, जिसे हाल ही में सरकार ने बढ़ाकर किसानों के लिए और आसान बना दिया है।

इन संरक्षित खेती के उपकरणों पर भी मिल रहा अनुदान

संरक्षित खेती से जुड़े अन्य आवश्यक घटकों जैसे एरोपोनिक्स यूनिट, हाइड्रोपोनिक इकाई, हाई-टेक नर्सरी, एंटी हेल नेट, बेड तैयार करने का सामान, मल्चिंग प्लास्टिक, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक टनल आदि पर भी 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा सहायता योजनाओं में मधुमक्खी पालन, फसल संरक्षण, जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। विभाग द्वारा किसानों के लिए बड़े स्तर पर पौधशालाओं में वॉक-इन टनल और नेट हाउस स्थापित करने के लिए भी विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है।

पुराने पॉलीहाउस की मरम्मत पर भी मिलेगी मदद

विभाग की एक और अहम पहल यह है कि पुराने पॉलीहाउस और नेट हाउस की मरम्मत व क्लैडिंग शीट बदलने के लिए भी 70 प्रतिशत तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे पहले से स्थापित संरचनाओं का पुन: उपयोग किया जा सकेगा और किसानों को नई संरचना पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। विभाग का कहना है कि इस योजना के माध्यम से किसान कम भूमि पर अधिक उत्पादन कर सकते हैं और अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

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सिरसा के किसानों पर क्या होगा असर?

इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिरसा जैसे कृषि प्रधान जिले के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीक अपना सकेंगे। पॉलीहाउस में खेती करने से किसान बेमौसम सब्जियों और फलों का उत्पादन कर सकते हैं, जिसका बाजार में अधिक दाम मिलता है। सरकार का दावा है कि पॉलीहाउस खेती से किसान प्रति एकड़ 10 से 12 लाख रुपये तक की सालाना आय प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इनमें आवेदक की फोटो, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, भूमि की खसरा खतौनी, मेरी फसल मेरा ब्यौरा प्रमाणपत्र और बैंक खाते का प्रमाण शामिल है। इन सभी दस्तावेजों के साथ किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसान सीधे उद्यान विभाग के आधिकारिक पोर्टल http://polynet.hortharyana.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
 

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