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Sirsa Mandi News: मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल बना किसानों की मुसीबत, बड़ागुढ़ा मंडी में वेरिफिकेशन न होने के कारण रोके गेट पास

बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को बताया काला कानून। हंगामे के बाद अधिकारियों ने दिया मैनुअल खरीद का भरोसा।
 
BKE leader Lakhwinder Singh Aulakh protesting over Meri Fasal Mera Byora gate pass issue at Baragudha Mandi Sirsa

सिरसा: हरियाणा सरकार के 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल की तकनीकी कमियों के चलते सिरसा की बड़ागुढ़ा अनाज मंडी में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को मंडी में फसल बेचने आए किसानों का पंजीकरण वेरिफिकेशन न होने के कारण गेट पास नहीं काटा गया। इस पर भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कड़ा एतराज जताते हुए इसे किसानों पर थोपा गया काला कानून बताया है। मंडी में हंगामे के बाद अधिकारियों ने बिना वेरिफिकेशन वाले किसानों का मैनुअल रिकॉर्ड दर्ज करके गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हैं।

बड़ागुढ़ा मंडी में अपनी गेहूं लेकर पहुंचे किसान सुखप्रीत सिंह रघुआना के पास फसल पंजीकरण का कागज मौजूद था। इसके बावजूद उनका गेट पास सिर्फ इसलिए नहीं काटा गया क्योंकि पोर्टल पर उनके पंजीकरण की वेरिफिकेशन पूरी नहीं हुई थी। परेशान होकर सुखप्रीत सिंह ने बीकेई टीम से संपर्क किया। जब लखविंदर सिंह औलख अपनी टीम के साथ बड़ागुढ़ा मंडी पहुंचे, तो वहां ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइनें लगी हुई थीं।

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पोर्टल पर बायोमेट्रिक्स और फोटो का नया नियम क्या है?

लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि सरकार ने फसल खरीद के लिए बायोमेट्रिक्स और फोटो अनिवार्य करने का नया फरमान सुना दिया है। साइट सही तरीके से न चलने के कारण किसानों की फोटो अपलोड होने में बहुत दिक्कत आ रही है। किसानों के हाथ में पंजीकरण का कागज तो है, लेकिन बिना ऑनलाइन वेरिफिकेशन के वह महज एक रद्दी कागज बनकर रह गया है। इसके बिना न तो मंडी में गेट पास कट रहा है और न ही फसल की खरीद हो पा रही है।

Sirsa Baragudha Mandi Wheat Procurement Issue

पोर्टल की इन्हीं कमियों के कारण खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है। कई किसानों का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है और उनकी गेहूं की फसल मंडी में पहुंच चुकी है, फिर भी वे गेट पास का इंतजार कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर लखविंदर सिंह औलख ने डीएमई (DME) राहुल कुंडू और कालांवाली के मार्केट कमेटी सचिव से फोन पर बात की।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जिन किसानों की वेरिफिकेशन नहीं हुई है, उनका एक रजिस्टर पर मैनुअल रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके बाद उनकी गेहूं उतारकर और मैनुअल वेरिफिकेशन करके खरीद की जाएगी। किसानों में सरकार के इन अनावश्यक नियमों को लेकर भारी रोष है। किसान नेताओं ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • बिना किसी अनावश्यक शर्त के किसानों की गेहूं की तुरंत खरीद की जाए।
  • मंडियों में पर्याप्त बारदाना (बोरियां) और गेहूं उठान (लिफ्टिंग) की सही व्यवस्था हो।
  • किसानों की फसल की तुरंत तौल करके उन्हें समय पर भुगतान किया जाए।

बीकेई ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया, तो किसान मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन से होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
 

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