Breaking News : रेलवे टिकट बुकिंग क्लर्क द्वारा 2.29 लाख रुपये का गबन, गिरफ्तार
सिरसा। सिरसा रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग क्लर्क द्वारा लाखों रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुई ज्योति शर्मा को जीआरपी ने 2 लाख 29 हजार रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने दूसरे पति और निजी शौक पूरे करने के लिए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया।
मामले में डिजिटल डाटा रिकॉर्ड और जमा किए गए कैश में अंतर पाए जाने के बाद अंबाला के एसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी जांच में गबन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा
एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने बताया कि मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वर्ष 2025 की 18 और 19 अक्टूबर को रेलवे में जमा होने वाली राशि में 1,15,265 रुपये की कमी पाई गई। इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। इसके बाद 21 और 22 अक्टूबर का कुल कैश 1,13,960 रुपये स्टेशन की अलमारी में रखकर दोनों चाबियां राजीव शर्मा अपने पास रखकर स्टेशन अधीक्षक से मिलने चले गए। लौटने पर अलमारी से कैश गायब मिला, जबकि चाबियां उनके पास ही थीं। उस समय टिकट बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा मौके पर मौजूद नहीं थी। इसके बाद जीआरपी पुलिस को सूचना दी गई और 22 अक्टूबर 2025 को ज्योति शर्मा को निलंबित कर दिया गया।
हनुमानगढ़ से हुई गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर मंडल की 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय टीम डबवाली पहुंची। टीम ने टिकट बुकिंग से संबंधित डिजिटल डाटा, कैश रिकॉर्ड और आरोपी के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल की गहन जांच की। जांच के बाद 6 जनवरी को एसआईटी ने ज्योति शर्मा को हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया। अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। रिमांड के दौरान गबन की राशि बरामद की गई और कई अहम खुलासे हुए। रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
डुप्लीकेट चाबी से निकाला कैश
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अलमारी की तीसरी डुप्लीकेट चाबी बनवाकर कैश निकाला था। यह चाबी उसने एक फेरी वाले से बनवाई थी। आरोपी पहले से ही कैश जमा करने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थी। मूल रूप से बीकानेर निवासी ज्योति शर्मा वर्तमान में अपने दूसरे पति के साथ हनुमानगढ़ में रह रही थी। जांच में सामने आया है कि गबन की गई राशि से उसने कार, बुलेट मोटरसाइकिल और गहने खरीदे थे।
फिलहाल जीआरपी और रेलवे प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।
