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चार वर्षीय बच्चे की मौत का मामला : परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए जाना पड़ा सिरसा

चार वर्षीय बच्चे की मौत का मामला  : परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए जाना पड़ा सिरसा 
 
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चार वर्षीय बच्चे की मौत

चार वर्षीय बच्चे की मौत का मामला  : परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए जाना पड़ा सिरसा 

ऐलनाबाद के नागरिक हस्पताल में कप्तान मीनू बैनीवाल द्वारा स्थापित की गई मोर्चरी की लोगों को नहीं मिल रही सुविधा 

ऐलनाबाद  : क्षेत्र के गांव ममेरा कलां में स्थित एक किड्स केयर स्कूल में 4 वर्षीय बच्चे की अचानक तबीयत खराब होने के बाद उसकी मृत्यु हो गई । मिली जानकारी के अनुसार अरमान ( 4 ) पुत्र सुखदेव सिंह निवासी मौजूखेड़ा ममेरा कलां में स्थित एक किड्स केयर स्कूल में पढ़ता था। वह घर से तैयार होकर स्कूल पहुंचा था

लेकिन स्कूल में आने के बाद उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई तो स्कूल प्रबंधकों ने उसको ऐलनाबाद के  नागरिक हस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया।

गांव मौजूखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह सिद्धू ने बताया कि उनको इस घटना की जानकारी 12 बजे के करीब मिली थी वह ऐलनाबाद के नागरिक हस्पताल में पहुंचे तो उस समय तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि उसके बाद उन्होंने नागरिक हस्पताल ऐलनाबाद के डॉक्टरों को बच्चे का पोस्टमार्टम करने की बात कही तो डॉक्टरों ने कहा कि इसका पोस्टमार्टम सिरसा में ही होगा। अब आप लेट हो गए हो अब तो सिरसा में भी पोस्टमार्टम नहीं होगा। इसलिए शव को ऐलनाबाद नागरिक हस्पताल की मोर्चरी में ही रखा जाएगा और कल इसका पोस्टमार्टम सिरसा में करवाया जाएगा।

  उसके बाद बच्चे के परिजन व ग्रामीण अपने गांव चले गए । उन्होंने बताया कि आज सुबह करीब 8 वह यहां पहुंचे और बच्चे के शव को लेकर सिरसा गए यहां उसका पोस्टमार्टम किया गया।

  सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिद्धू व बच्चे के परिजनों ने कहा कि सरकार आम लोगों को हर तरह की सुविधा देने का दावा करती है लेकिन वह कल से अपने बच्चे का पोस्टमार्टम करवाने के लिए परेशान हो रहे है। बच्चे के परिजनों व ग्रामीणों ने कहा कि एक तो गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है वहीं दूसरी तरफ सरकारी हस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनको यहां पोस्टमार्टम ना करके परेशान किया जा रहा है।

कप्तान मीनू बैनीवाल द्वारा ऐलनाबाद में मोर्चरी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी 

ऐलनाबाद के नागरिक हस्पताल में पहले मोर्चरी की सुविधा नहीं थी लेकिन समाजसेवी कप्तान मीनू बैनीवाल द्वारा करीब एक करोड़ रुपए का समान देकर यहां मोर्चरी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी।

लेकिन उसके बाद कप्तान मीनू बैनीवाल व उनकी टीम द्वारा कभी भी नागरिक हस्पताल का निरीक्षण करके यह जानकारी नहीं ली गई कि अब लोगों को मोर्चरी की सुविधा उपलब्ध हो रही है या नहीं। यहां पोस्टमार्टम के लिए सिरसा से डाक्टर आते हैं।

मोर्चरी के गेट पर भी पोस्टमार्टम का समय सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक दर्शाया गया है लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के चलते लोगों को आज भी पहले की तरह ही पोस्टमार्टम के लिए सिरसा जाना पड़ता है।

यह एक बड़ा सवाल है कि जब मीनू बैनीवाल द्वारा इतने रुपए खर्च करने के बाद भी लोगों को सुविधा नहीं मिल रही तो फिर पैसे खर्च करने का क्या फायदा हुआ। इस तरह के मामले सामने आने के बाद यहां कप्तान मीनू बैनीवाल के दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे हैं।

स्थानीय नागरिक हस्पताल के डॉक्टरों से जब इस मामले संबंधी बात करने की कोशिश की गई तो किसी भी डॉक्टर ने अपना पक्ष रखने से साफ इन्कार कर दिया।

नागरिक हस्पताल में इकट्ठे हुए बच्चे के परिजन व ग्रामीण।

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