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महाशिवरात्रि 2025: शिवलिंग का अभिषेक इन 5 द्रव्यों से करें, दूर होंगे रोग और बढ़ेगी खुशहाली.

महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखता है।
 
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महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के 108 नामों का जप करने का विशेष महत्व होता है।

महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखता है। यह दिन भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से समस्त दुखों का नाश होता है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। अभिषेक से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जल, दूध, गंगाजल, शहद और गन्ने के रस जैसे 5 विशेष द्रवों से शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा है। यह अभिषेक न केवल आध्यात्मिक शांति देता है बल्कि शारीरिक और मानसिक कष्टों को भी दूर करता है। आइए जानते हैं इन 5 पवित्र द्रव्यों के महत्व और उनके चमत्कारी लाभ।

1. जल से अभिषेक

शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि ठंडे जल से शिवलिंग का अभिषेक करने से बुखार और अन्य शारीरिक बीमारियों में लाभ मिलता है। इसके अलावा, यह जीवन में सुख, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति में सहायक होता है।

2. दूध से अभिषेक

भगवान शिव को दूध अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे मन की चंचलता दूर होती है और व्यक्ति का दिमाग तेज होता है। जो लोग मानसिक तनाव या अनिद्रा से ग्रसित हैं, उन्हें शिवलिंग पर दूध चढ़ाकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

3. गन्ने के रस से अभिषेक

गन्ने का रस चढ़ाने से व्यक्ति के जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुख-संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस अभिषेक से जीवन में आनंद, धन, और समृद्धि बढ़ती है। जो लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, उन्हें शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक अवश्य करना चाहिए।

4. शहद से अभिषेक

शहद को स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है, और शिवलिंग पर इसका अभिषेक करने से भी कई लाभ प्राप्त होते हैं। मान्यता है कि शहद से शिवलिंग का अभिषेक करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होता है और वह रोगों से मुक्त होता है। विशेष रूप से यह अभिषेक टीबी जैसी गंभीर बीमारियों में राहत प्रदान करता है।

5. गंगाजल से अभिषेक

गंगाजल को सबसे पवित्र माना जाता है और इससे शिवलिंग का अभिषेक करने से भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। जो लोग मोक्ष की प्राप्ति और जीवन के पापों से मुक्त होना चाहते हैं, उन्हें इस पवित्र जल से अभिषेक करना चाहिए।

महाशिवरात्रि की पूजा और 108 नामों का जप

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के 108 नामों का जप करने का विशेष महत्व होता है। सूर्यास्त के समय ईशान कोण में दीप जलाकर शिव जी का ध्यान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। इसके साथ ही, श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आती है।

निष्कर्ष

महाशिवरात्रि का यह पावन दिन भगवान शिव की कृपा पाने का विशेष अवसर होता है। इस दिन शिवलिंग का जल, दूध, गन्ने के रस, शहद और गंगाजल से अभिषेक करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक और भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं। इस शुभ दिन पर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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