चोपटा के हंजीरा गांव में बच्चियों ने किया कुछ ऐसा, देखकर हर कोई कर रहा तारीफ!
चोपटा। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राजकीय विद्यालय हंजीरा में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस बेटियों की अच्छी सेहत और उनकी शिक्षा पर रहा। कार्यक्रम में जहां एक तरफ बच्चियों को 'गुड हेल्थ टिप्स' दिए गए, वहीं दूसरी ओर चार्ट मेकिंग प्रतियोगिता ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान गांव की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बेटियों के भविष्य को संवारने का संकल्प लिया।
चार्ट मेकिंग में दिखा टैलेंट
कार्यक्रम के दौरान छोटी बच्चियों के लिए चार्ट मेकिंग प्रतियोगिता रखी गई थी। बच्चियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के जरिए चार्ट पर कुछ इस तरह उकेरा कि वहां मौजूद हर शख्स उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंजू ने बताया कि इन चार्ट्स के जरिए बच्चियों ने समाज को एक बेहद मजबूत और खूबसूरत संदेश देने की कोशिश की है।
महिलाओं ने ली बड़ी जिम्मेदारी
इस पहल का एक अहम हिस्सा गांव की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की असल अहमियत के बारे में बारीकी से समझाया गया। उन्हें इस बात के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया कि वे अपनी बेटियों को स्कूल जरूर भेजें और उनके हकों की हर हाल में रक्षा करें। महिलाओं ने भी इस बात को गंभीरता से लिया और एकजुट होकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया।
ये लोग रहे मौजूद
जागरूकता के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के कई लोगों का सीधा योगदान रहा। इस मौके पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंजू के साथ-साथ अनुसुइया, नीमा, सोनू, अध्यापक राजकुमार, सुरेंदर सिंह, सतपाल, मोहन, सुनीता, मैना देवी और सुमन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
हंजीरा गांव का यह कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह गांव की सोच में आ रहे उस सकारात्मक बदलाव की एक साफ तस्वीर है जहां बेटियां अब एक सुरक्षित और शिक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन रही हैं।
