हरियाणा में कांवड़ियों की पिकअप हाईवोल्टेज तारों से टकराई: 2 की मौत, 2 गंभीर घायल।

हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह डाक कांवड़ लेने हरिद्वार जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप गाड़ी हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आ गई। इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों की पहचान कुलदीप और हरीश के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में रिंकू और सुमित शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
हादसा उस वक्त हुआ जब यमुनानगर के गुमथला गांव से करीब 15 कांवड़िए पिकअप गाड़ी में सवार होकर हरिद्वार की ओर रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि गांव से निकलने के कुछ ही समय बाद रास्ते में एक स्थान पर पिकअप अचानक नीचे झूल रहे हाईवोल्टेज बिजली के तारों के संपर्क में आ गई।
बिजली का करंट लगते ही पिकअप में चीख-पुकार मच गई और चार युवक उसकी चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों और अन्य कांवड़ियों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। जब तक मदद पहुंची, तब तक कुलदीप और हरीश की मौत हो चुकी थी। बाकी दो घायलों को आनन-फानन में अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर है। गांव गुमथला में माहौल गमगीन है, क्योंकि सभी मृतक और घायल वहीं के रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि डाक कांवड़ यात्रा सावन महीने की सबसे तेज रफ्तार और विशेष धार्मिक यात्रा मानी जाती है, जिसमें श्रद्धालु तेजी से हरिद्वार से जल भरकर अपने गांव या शहर के शिव मंदिर तक पहुंचते हैं। इस दौरान कांवड़िए किसी भी स्थिति में नहीं रुकते और बिना विश्राम के यात्रा करते हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर बिजली के तार समय पर ठीक कर दिए जाते या ऊंचाई पर होते, तो यह दुर्घटना टल सकती थी।
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद देने का वादा भी किया गया है।
हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को ऐसे हादसे कभी नहीं रोक सकते, लेकिन प्रशासन और विभागों की सतर्कता और सुरक्षा प्रबंध जरूर इन जानलेवा घटनाओं को टाल सकते हैं। यह हादसा न केवल एक दर्दनाक घटना है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।