गुडिया खेड़ा में मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा, मलबे में दबे 3 मजदूर, एक की मौत
गुडियां खेड़ा में मकान की दीवार गिरने से 3 मजदूर नीचे दबे, एक की मौत, दो घायल , हरियाणा के सिरसा जिले में नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव गुडिया खेड़ा में जैक लगाकर मकान को उंचा उठाने के दौरान हुए अचानक हादसे में मंगलवार शाम को दीवार गिर गई। जिससे काम कर रहे 3 मजदूरों की मलबे में दब गए।
इसके बाद कड़ी मशकत से दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। जबकि एक मजदूर को निकालने का ऑपरेशन चलाया गया। करीब दो घंटे बाद मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला गया । तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलैंस व जमाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। आस पास के लोगों ने बताया कि दीवार गिरने से बहुत तेज आवाज आई। इस वजह से आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गये।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी आत्मराम बिरड़ा की ढाणी में पहले मछली पालन का कार्य किया हुआ था। जो कई सालों से बंद पड़ा हुआ था। इस क्षेत्र में सेम की समस्या भी है। यहां पर बने मकान नीचे हो गये थे। इनको ऊंचा उठाने के लिए ठेकेदार को ठेका दिया हुआ था।
इस पर पिछले छह दिनों से जैक से मकान को ऊंचा उठाने का कार्य किया जा रहा था। यूपी के रायपुर निवासी विनीत कुमार ने बताया कि जैक की सहायता से रायपुर के मजदूर, मनोज कुमार,विकी व सिद्वार्थ लगे हुए थे। शाम को करीबन साढ़े पांच बजे मकान की एक दीवार गिर गई। इसके बाद तीनों मजदूर नीचे दब गये। विकी व सिद्वार्थ को बाहर निकाल लिया गया। जबकि मनोज कुमार को बाहर नहीं निकाला जा सका। दो घंटे बाद बाहर निकाला तो मनोज की मौत हो चुकी थी।
इस घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी के साथ ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलैंस व जमाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। विकी व सिद्वार्थ को बाहर निकाल लिया गया। जबकि मनोज कुमार की मौत हो गई।
गुडियां खेड़ा में मकान की दीवार गिरने से 3 मजदूर नीचे दबे, एक की मौत, दो घायल , हरियाणा के सिरसा जिले में नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव गुडिया खेड़ा में जैक लगाकर मकान को उंचा उठाने के दौरान हुए अचानक हादसे में मंगलवार शाम को दीवार गिर गई। जिससे काम कर रहे 3 मजदूरों की मलबे में दब गए। इसके बाद कड़ी मशकत से दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। जबकि एक मजदूर को निकालने का ऑपरेशन चलाया गया।
करीब दो घंटे बाद मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला गया । तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलैंस व जमाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। आस पास के लोगों ने बताया कि दीवार गिरने से बहुत तेज आवाज आई। इस वजह से आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गये।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी आत्मराम बिरड़ा की ढाणी में पहले मछली पालन का कार्य किया हुआ था। जो कई सालों से बंद पड़ा हुआ था। इस क्षेत्र में सेम की समस्या भी है। यहां पर बने मकान नीचे हो गये थे। इनको ऊंचा उठाने के लिए ठेकेदार को ठेका दिया हुआ था।
इस पर पिछले छह दिनों से जैक से मकान को ऊंचा उठाने का कार्य किया जा रहा था। यूपी के रायपुर निवासी विनीत कुमार ने बताया कि जैक की सहायता से रायपुर के मजदूर, मनोज कुमार,विकी व सिद्वार्थ लगे हुए थे। शाम को करीबन साढ़े पांच बजे मकान की एक दीवार गिर गई। इसके बाद तीनों मजदूर नीचे दब गये। विकी व सिद्वार्थ को बाहर निकाल लिया गया। जबकि मनोज कुमार को बाहर नहीं निकाला जा सका। दो घंटे बाद बाहर निकाला तो मनोज की मौत हो चुकी थी।
इस घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी के साथ ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलैंस व जमाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। विकी व सिद्वार्थ को बाहर निकाल लिया गया। जबकि मनोज कुमार की मौत हो गई।
