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हरियाणा प्रदेश के कॉलेजों में लेक्चरर के 50 प्रतिशत पद खाली, कैसे होगा उच्च शिक्षा का सपना सार्थक: कुमारी सैलजा

जनता को गुमराह करने के लिए सरकार करती हैं झूठी घोषणाएं, हर 20 किमी पर नहीं है महिला कॉलेज
 
kumaari shailja
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चंडीगढ़, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में उच्च शिक्षा की बिगड़ती स्थिति पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में लेक्चरर की भारी कमी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रदेश के कॉलेजों में करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं।

कॉलेजों में शिक्षकों की स्थिति

सरकारी और एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी

कॉलेज का प्रकार कुल स्वीकृत पद नियमित लेक्चरर गेस्ट/एक्सटेंशन लेक्चरर रिक्त पद
सरकारी कॉलेज 7986 3358 2058 4465
एडेड कॉलेज 97 कॉलेजों में 39 प्रिंसिपल तक नहीं - - -
  • आरटीआई से खुलासा हुआ है कि प्रदेश के 184 सरकारी और 97 एडेड कॉलेजों में 50 प्रतिशत लेक्चरर के पद खाली हैं।
  • एडेड कॉलेजों में सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थान पर नई भर्तियां नहीं हो रही हैं।

विषयवार रिक्त पदों की संख्या

कुमारी सैलजा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के बिना उच्च शिक्षा का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों में शिक्षकों की भारी कमी है।

विषय रिक्त पद
अंग्रेजी 749
कॉमर्स 450
भूगोल 479
गणित 396
भौतिक विज्ञान 323
हिंदी 317
वनस्पति विज्ञान 166
रसायन विज्ञान 402
इतिहास 189
कंप्यूटर साइंस 221
शारीरिक शिक्षा 127
मनोविज्ञान 125
  • इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
  • उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आने से युवा दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।

महिला कॉलेजों की कमी और सरकार की झूठी घोषणाएं

कुमारी सैलजा ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पहले यह वादा किया गया था कि हर 20 किलोमीटर पर एक महिला कॉलेज खोला जाएगा, लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
  • कॉलेज की सुविधा न होने के कारण कई लड़कियां 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं
  • शिक्षा के क्षेत्र में असमानता बढ़ रही है, जिससे लड़कियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है

सरकार को तत्काल कदम उठाने की जरूरत

कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि—

  1. खाली पड़े सभी शिक्षकों के पदों पर तुरंत भर्ती की जाए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
  2. हर 20 किमी पर महिला कॉलेज खोलने की योजना को लागू किया जाए, जिससे लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए संघर्ष न करना पड़े।
  3. नई शिक्षा नीति को सही तरीके से लागू किया जाए और इसके लिए पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाएं।
  4. एडेड कॉलेजों में सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थान पर नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि वहां की शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है। आधे से अधिक लेक्चरर के पद खाली हैं, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। सरकार को तुरंत रिक्त पदों को भरने और महिला कॉलेज खोलने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। शिक्षा में लापरवाही बरतने से प्रदेश के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है, जिससे उच्च शिक्षा का सपना अधूरा रह जाएगा।

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