चरखी दादरी लघु सचिवालय में ACB का छापा, प्लॉट की रजिस्ट्री के नाम पर 5 हजार घूस लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार
हरियाणा के चरखी दादरी लघु सचिवालय (Mini Secretariat) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रोहतक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने तहसील कार्यालय में तैनात एक रजिस्ट्री क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह घूस एक ग्रामीण से प्लॉट की रजिस्ट्री करने की एवज में मांगी गई थी।
शिकायत मिलते ही बिछाया गया जाल, इशारा मिलते ही दबोचा गया आरोपी
गांव छपार निवासी प्रीतम सिंह ने रोहतक की एंटी करप्शन ब्यूरो टीम को शिकायत दी थी कि एक प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के लिए दादरी तहसील में उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी टीम के इंचार्ज संजीव कुमार की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस पूरी कार्रवाई को निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए शुगर मिल रोहतक की एमडी श्वेता सुहाग को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।

[तस्वीर: चरखी दादरी के लघु सचिवालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम द्वारा रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी क्लर्क और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों व ड्यूटी मैजिस्ट्रेट का दृश्य]
योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह लघु सचिवालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने संबंधित क्लर्क को 5 हजार रुपये थमाए और टीम को इशारा किया, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से मौके पर ही रिश्वत के नोट भी बरामद कर लिए गए।
भ्रष्टाचार का केस दर्ज, आरोपी से पूछताछ में जुट सकती हैं कई कड़ियां
रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किए गए क्लर्क की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो गांव दूधवा का रहने वाला है। लघु सचिवालय परिसर के बीचों-बीच अचानक हुई इस विजिलेंस कार्रवाई से अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फिलहाल, आरोपी क्लर्क अनिल कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार के रैकेट में तहसील के कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी तो शामिल नहीं हैं।
