पुलिसवालों में पटवारी-क्लर्क बनने का क्रेज: 4जिलों के ही 876कर्मचारियों ने दिया एग्जाम; खाकी की ड्यूटी टफ लग रही.

हरियाणा में 26 और 27 जुलाई को आयोजित कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 में अभ्यर्थियों का उत्साह उमड़ा। कुल 13.48 लाख युवाओं ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। हालांकि, इनमें केवल बेरोजगार ही नहीं, बल्कि ऐसे भी कई सरकारी कर्मचारी शामिल थे, जो अपनी वर्तमान नौकरी से संतुष्ट नहीं थे और बेहतर अवसरों की तलाश में थे।
खासकर पुलिस विभाग के कर्मचारी, जो अक्सर शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं, उन्होंने इस परीक्षा में भाग लिया।
सिरसा जिले में सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी
सिरसा जिले में पुलिसकर्मियों का उत्साह देखने लायक था। इस जिले में अकेले 279 पुलिसकर्मियों ने CET परीक्षा दी। इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस विभाग में काम करने वाले कर्मचारी खाकी की ड्यूटी से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें अन्य सरकारी नौकरियों में स्थानांतरित होने की इच्छा है।
वे पटवारी, क्लर्क जैसे पदों के लिए अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह संख्या सिरसा जिले के कुल अभ्यर्थियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
हरियाणा के अन्य जिलों में भी देखा गया क्रेज
हरियाणा के अन्य जिलों में भी पुलिसकर्मियों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए CET परीक्षा दी। गुरुग्राम, पंचकुला और फतेहाबाद जिलों में कुल मिलाकर 876 पुलिसकर्मियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। इन जिलों में भी यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जो यह दर्शाता है कि सरकारी कर्मचारियों में सरकारी नौकरी के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
खाकी की ड्यूटी टफ लग रही
पुलिस विभाग में काम करना कोई आसान काम नहीं होता। दिन-रात की ड्यूटी, घटनाओं से निपटना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना काफी मानसिक और शारीरिक तनाव पैदा करता है। कई पुलिसकर्मी समय की कमी, तनाव और तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं होते। ऐसे में उन्हें पटवारी या क्लर्क जैसे नौकरी के विकल्प ज्यादा आकर्षक लगते हैं, जहां वे थोड़ा आरामदायक कार्य वातावरण की उम्मीद करते हैं।
CET में अन्य सरकारी कर्मचारियों का भागीदारी
इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों के अलावा कई अन्य सरकारी कर्मचारी भी CET परीक्षा में शामिल हुए। इसके तहत शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी अपनी किस्मत आजमाने के लिए आवेदन किया। यह बदलाव इस बात को दर्शाता है कि सरकारी कर्मचारियों के बीच नौकरी के विकल्पों को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
परीक्षा में भाग लेने का मुख्य कारण
पुलिसकर्मियों के इस ट्रेंड को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि वे किस कारण से इन पदों पर आवेदन कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अधिक कार्य भार और तनाव से मुक्ति की खोज है।
इसके अलावा, पटवारी और क्लर्क जैसे पदों पर काम का दबाव कम होता है और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर हो सकता है, जो अधिकांश पुलिसकर्मियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।
क्या भविष्य में और भी पुलिसकर्मी CET देंगे?
आने वाले समय में यह संभावना जताई जा रही है कि अन्य जिलों से भी पुलिसकर्मी CET परीक्षा में भाग लें। हरियाणा सरकार को इस दिशा में कदम उठाते हुए पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य माहौल और करियर विकास के अवसर प्रदान करने होंगे।
साथ ही, अगर इन पदों के लिए ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मी आवेदन करेंगे, तो यह एक संकेत होगा कि वे सरकारी सेवा में नौकरी के पारंपरिक तौर-तरीकों को बदलने की दिशा में सोच रहे हैं।
कुल मिलाकर, हरियाणा में पुलिसकर्मियों के बीच पटवारी और क्लर्क जैसी नौकरियों के प्रति आकर्षण एक नई दिशा को दर्शाता है। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक संकेत है कि सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें बदल रही हैं और वे बेहतर कार्य परिस्थितियों की तलाश में हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस बदलाव को कैसे संबोधित करती है।