सिरसा में गीता सद्भावना यात्रा का शहरवासियों ने किया भव्य स्वागत
सिरसा, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में सीडीएलयू के मल्टीपर्पज हाल में आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव के तीसरे दिन पूर्व जिलाध्यक्ष शीशपाल कंबोज व मार्केट कमेटी डबवाली के चेयरमैन सतीश जग्गा ने शिरकत की। मुख्यातिथियों ने स्थानीय नेहरू पार्क से गीता सद्भाभावना यात्रा को हरी झंडी भी दिखाई। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत करते हुए शहरवासियों ने फूल बरसाए, वहीं स्कूली विद्यार्थियों ने यात्रा में श्रीमद्भागवद् गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। जिला परिषद के सीईओ डा. सुभाष चंद्र ने अतिथियों का स्वागत किया। सीडीएलयू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर प्रतिभा दिखाई।
पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा शीशपाल कंबोज ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि श्रीमद्भगवद् गीता के संदेश को हर घर तक पहुँचाया जाए। श्रीमद्भगवद् गीता एक ऐसा मंत्र है, जो किसी भी व्यक्ति को धर्मसंकट की स्थिति में मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान जब अर्जुन धर्मसंकट में थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कर्म का सिद्धांत समझाकर सही मार्ग दिखाया था। उन्होंने अर्जुन को यह भी बताया कि न कोई अपना होता है, न पराया, सब कुछ केवल कर्तव्य और धर्म का पालन है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य है कि गीता महोत्सव के माध्यम से गीता जी का ज्ञान घर-घर तक पहुँचे और लोग इससे प्रेरणा लेकर जीवन में सही दिशा प्राप्त कर सकें।
मार्केट कमेटी डबवाली के चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता ज्ञान का प्रकाश है, जो हमारी पाँच हजार वर्ष प्राचीन संस्कृति को संजीव बनाता है। गीता की दिव्य वाणी मन को आनंद, शांति और प्रेरणा देती है। यह ग्रंथ किसी परिचय का मोहताज नहीं, बल्कि स्वयं में पूर्ण है और मोह से मोक्ष तक की यात्रा का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि युद्ध केवल बाहर ही नहीं, मन और विचारों के भीतर भी लड़े जाते हैं, और ऐसे संघर्षों से बचने तथा सही मार्ग प्राप्त करने के लिए गीता ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को गीता के ज्ञान से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की दिशा तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता जीवन का लक्ष्य और सही दिशा दोनों प्रदान करती है।
कार्यक्रम में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल से आए महाराज विज्ञानानंद जी ने गीता के मूल आत्मज्ञान और कर्म के सिद्धांत का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि विज्ञान और गीता दोनों जीवन को समझने तथा आत्मबोध प्राप्त करने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संतुलन और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। इस अवसर पर दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल सुमन शर्मा ने श्रीमद्भगवद् गीता पर उद्बोधन किया।
गीता महोत्सव में विद्यार्थियों व कलाकारों ने जमाया रंग
कार्यक्रम में जियो गीता बाल संस्कार कक्षा से बच्चों ने महारास व श्लोक उच्चारण, आरोही मॉडल स्कूल, नाथूसरी कलां के बच्चों ने कृष्ण लीला नृत्य श्यामा आन बसो, राजकीय स्कूल सिकंदरपुर के बच्चों ने कृष्ण भजन - कृष्ण कन्हैया, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महावीर दल के बच्चों ने कृष्ण बाल लीला - मैया यशोधा तेरा कन्हैया प्रस्तुत की। कार्यक्रम में द आर्यन स्कूल सिरसा के बच्चों ने कृष्ण रास लीला नृत्य घूंघट उठा के, जीआरजी स्कूल सिरसा के बच्चों ने कृष्ण रास लीला नृत्य सपने में नंद किशोर, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल सिरसा के बच्चों ने कोरियोग्राफर - युग युग से कण कण में, श्री राम न्यू सतलुज स्कूल सिरसा के बच्चों ने डांडिया नृत्य राधा के संग रसे रचे कृष्ण, राजकीय प्राथमिक पाठशाला चत्तरगढ़ पट्टी के बच्चों ने ग्रुप डांस म्हारी गीता जयंती, डीएवी स्कूल से रजनी बघला ने इक राधा-एक राम की शानदार प्रस्तुति दी। महोत्सव में कृष्णा आर्ट ग्रुप के कलाकारों राधा कृष्ण नृत्य व राजकीय स्कूल सिकंदरपुर की छात्रा आरजू व अध्यापक विक्रम ने कृष्ण भजन सुनाए।
शोभायात्रा का जगह-जगह किया स्वागत
स्थानीय नेहरू पार्क से गीता सद्भावना यात्रा शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए सीडीएलयू के मल्टीपर्पज हॉल में सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में शहरवासियों ने जोरदार स्वागत करते हुए फूल बरसाए, वहीं श्रीमद्भागवद् गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। यात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं का विशेष योगदान रहा। गीता सद्भावना यात्रा इतनी भव्य रही कि दुकानदार दुकानों से बाहर आकर स्वागत करने पहुंचे। कई स्थानों पर दुकानदारों ने सद्भावना यात्रा में शामिल श्रद्घालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। इस दौरान जगह-जगह सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम के अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से बहन साध्वी पूजा भारती व साध्वी विष्णु अर्चना भारती ने श्रीमद्भगवद् गीता की आरती की। गौरतलब है कि इस चार दिवसीय महोत्सव में शहर की सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का विशेष योगदान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 22 विभागों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। महोत्सव के तीसरे दिन गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब सिरसा द्वारा लंगर सेवा लगाई गई। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों, मुख्य वक्ता, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग से अधीक्षक मक्खन सिंह व हिंदी प्रवक्ता चिमन भारतीय ने किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी से सुरेंद्र आर्य, जिला महामंत्री हनुमान कुंडु, श्याम बजाज, वीरेंद्र तिन्ना, राजेश, पार्षद विकास शर्मा, पार्षद कृष्ण कामरा, विनेश छाबड़ा, संदीप मेहता, अजय शेरपुरा, राजेंद्र कंबोज, शशि सचदेवा, सहित सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। महोत्सव में जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव लाल बहादुर बैनीवाल, डीएसडब्ल्यूओ सत्यवान ढिलोड, एओ प्रेम कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी व भारी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
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