हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने लिया ये सख्त एक्शन, इन अफसरों की खैर नहीं
हरियाणा सरकार ने 'सिक्योरिटी ऑफ सर्विस' (Security of Service) पोर्टल पर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के रिकॉर्ड में आ रही भारी गड़बड़ियों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को दो टूक चेतावनी दी है कि पोर्टल पर मौजूद त्रुटियों और लंबित मामलों को तुरंत ठीक किया जाए। ऐसा न करने वाले और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब सीधी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, डेटा अपडेट न होने के कारण पात्र कर्मचारियों को 'हरियाणा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024' के तहत मिलने वाले लाभों में अड़चन आ रही है।
पुरानी चेतावनियों का नहीं हुआ असर
मानव संसाधन विभाग की तरफ से डेटा सुधारने के लिए पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और पोर्टल पर कर्मचारियों का डेटा जस का तस पड़ा है। सरकार ने अब सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों (HOD), बोर्ड-निगमों के अधिकारियों और उपायुक्तों (DC) को साफ कर दिया है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करना ही होगा।


पोर्टल पर सामने आईं ये बड़ी खामियां
डेटाबेस की जांच में कई हैरान करने वाली कमियां मिली हैं। सबसे बड़ी समस्या मोबाइल नंबर्स को लेकर है। कई कर्मचारियों के नंबर या तो गलत दर्ज हैं या वे बदल चुके हैं। इसके अलावा पोर्टल पर कई कर्मचारियों का पद (Designation) ही गायब है। हालात यह हैं कि कई सरकारी संस्थानों के DDO (ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर) पोर्टल पर सक्रिय ही नहीं हैं और उनके या विभागाध्यक्षों के मोबाइल नंबर तक गलत डाले गए हैं। कुछ मामलों में तो DDO कोड ही सुधारने की जरूरत है।
क्यों अटक रहे हैं कर्मचारियों के लाभ?
हाल ही में लागू हुए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 और नियम 2025 का सीधा फायदा कच्चे कर्मचारियों को मिलना है। लेकिन पोर्टल पर सही डेटा न होने से OTP जनरेशन और वेरिफिकेशन जैसी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। सही मोबाइल नंबर और पद की जानकारी के बिना सिस्टम किसी भी कर्मचारी को वेरीफाई नहीं कर पा रहा है, जिससे उन्हें समय पर लाभ मिलने में देरी हो रही है।
सरकार का साफ और कड़ा निर्देश
मुख्य सचिव की ओर से जारी लेटर में विभागों को तुरंत पेंडिंग डेटा अपडेट करने का टास्क दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की सही जानकारी, सही मोबाइल नंबर और DDO की पूरी डिटेल्स तुरंत पोर्टल पर दर्ज की जाएं। किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आने पर उसे तुरंत सुलझाकर इसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपनी होगी।
अब देखना यह है कि मुख्य सचिव की इस सख्त चेतावनी के बाद विभागीय अधिकारी कितनी जल्दी नींद से जागते हैं और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बिना किसी तकनीकी रुकावट के उनके हक का लाभ मिलना कब से शुरू हो पाता है।
