हरियाणा के व्यापारियों को बड़ी राहत: 1 जून से एकमुश्त निपटान योजना 2026 शुरू, टैक्स बकाये पर 100% छूट
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के व्यापारियों और करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए लंबित कर मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त निपटान योजना (OTS)-2026 लागू कर दी है। एक जून 2026 से शुरू होने वाली इस योजना के तहत एक लाख रुपये तक के बकाया कर वाले व्यापारियों को स्वतः राहत मिलेगी, जबकि बड़े बकाएदारों को कर में 70 प्रतिशत और ब्याज-जुर्माने में 100 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है। यह योजना प्रदेश भर में 28 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
इस योजना की अवधि कुल 120 दिन निर्धारित की गई है। योजना के नियमों के अनुसार, एक लाख रुपये तक के लंबित कर बकाया वाले मामलों में व्यापारियों को किसी भी प्रकार का आवेदन करने या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में सरकार की ओर से स्वतः (Automatic) ही योजना का लाभ दे दिया जाएगा। वहीं, एक लाख रुपये से अधिक के कर बकाया वाले मामलों में करदाताओं को 70 प्रतिशत तक की कर राहत दी जाएगी। व्यापारियों की वित्तीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने इस योजना के तहत बकाये का भुगतान किस्तों में करने का विकल्प भी प्रदान किया है।
हरियाणा सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त निपटान योजना (OTS)-2026 लागू की है।
— DIPRO Rohtak (@dipro_rohtak) May 31, 2026
✅ 1 जून से 28 सितंबर 2026 तक लागू
✅ 1 लाख रुपये तक के लंबित कर बकाया पर आवेदन की आवश्यकता नहीं, स्वतः राहत
✅ ब्याज एवं जुर्माने में 100% तक छूट
✅ 1 लाख रुपये से अधिक कर बकाया वाले…
योजना को लेकर विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने करदाताओं से अपील जारी की है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पात्र व्यापारियों से इस 120 दिन की अवधि का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का जल्द निपटान करने का आह्वान किया। वहीं, उपायुक्त महेंद्र पाल ने स्पष्ट किया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने कर बकायों का निपटारा करना है। इससे न केवल विभिन्न अदालतों में वर्षों से लंबित कर संबंधी मुकदमों का बोझ कम होगा, बल्कि राज्य में जीएसटी (GST) संग्रहण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा इससे पूर्व वर्ष 2025 में भी इसी तरह की एकमुश्त निपटान स्कीम लागू की गई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उस दौरान प्रदेश के 1,15,223 व्यापारियों ने योजना का लाभ उठाते हुए अपने कर विवादों का निपटारा किया था। पिछली योजना को व्यापारियों से मिले उसी अभूतपूर्व समर्थन और सफलता को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2026 के लिए इस राहत योजना को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
एक लाख रुपये से अधिक के बकाएदार व्यापारियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग (Excise and Taxation Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन करें।
- पोर्टल पर 'One Time Settlement (OTS) Scheme 2026' के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना टिन (TIN) या जीएसटी (GST) नंबर दर्ज कर लंबित कर राशि का विवरण जांचें।
- सिस्टम द्वारा छूट के बाद निर्धारित की गई राशि का चयन करें और एकमुश्त या किस्तों के विकल्प के साथ भुगतान की प्रक्रिया पूरी करें।
