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Breaking News: हरियाणा में नगर निकाय और पंचायत चुनावों का ऐलान, 10 मई को होगा मतदान

 
Haryana State Election Commissioner Devinder Singh Kalyan announcing Haryana Municipal Election May 2026 schedule at Panchkula office

चंडीगढ़, 13 अप्रैल – हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त श्री देविंदर सिंह कल्याण ने आज पंचकूला स्थित राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय में नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।

इस घोषणा के अनुसार, अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के महापौरों और पार्षदों के साथ-साथ रेवाड़ी नगर परिषद तथा सांपला, धारूहेड़ा एवं उकलाना नगर पालिकाओं के अध्यक्षों व सभी वार्डों के सदस्यों के लिए आम चुनाव कराए जाएंगे।

साथ ही, टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और साढौरा की नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के विभिन्न वार्डों की 6 रिक्त सीटों पर सदस्यों के लिए उप चुनाव भी संपन्न होंगे।

पंचायती राज संस्थाओं के तहत हिसार के ग्राम पंचायत मंडी आदमपुर और जवाहर नगर तथा कैथल के गोविंदपुरा और पोलड़ में आम चुनाव होंगे, जबकि प्रदेश की अन्य 528 खाली सीटों (पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद) पर उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव की इस घोषणा के साथ ही संबंधित नगर निकाय और पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता 13 अप्रैल, 2026 से तुरंत प्रभावी हो गई है, जिसके अंतर्गत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर भी रोक लगा दी गई है।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नोटिस 15 अप्रैल, 2026 को जारी किया जाएगा और उम्मीदवार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल, 2026 के बीच सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 27 अप्रैल को की जाएगी और उम्मीदवार 28 अप्रैल, 2026 को दोपहर 3:00 बजे तक अपना नाम वापस ले सकते हैं, जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।

इन सभी पदों के लिए मतदान 10 मई, 2026 को सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। नगर निकायों के मतों की गणना 13 मई को सुबह 8:00 बजे से निर्धारित केंद्रों पर शुरू होगी, जबकि पंचायती राज संस्थाओं के लिए मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद या आवश्यकतानुसार 12 मई को पुनर्मतदान की स्थिति में संपन्न की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता के मानदंडों को स्पष्ट करते हुए आयोग ने बताया कि नगर निगम महापौर और नगर परिषद/पालिका अध्यक्ष पद के लिए अनारक्षित और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों का 10वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए यह योग्यता 8वीं पास रखी गई है।

पंचायती राज संस्थाओं में पंच, सरपंच और सदस्य पद हेतु सामान्य श्रेणी के लिए 10वीं पास होना आवश्यक है, जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए 8वीं पास की योग्यता तय की गई है। विशेष रूप से, अनुसूचित जाति की उन महिला उम्मीदवारों के लिए, जो पंच (सदस्य ग्राम पंचायत), नगर परिषद/पालिका एवं निगम की सदस्य का चुनाव लड़ना चाहती हैं, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 5वीं पास निर्धारित की गई है।

इसके अतिरिक्त,चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा भी तय की गई है, जिसमें नगर निगम महापौर के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये और सदस्यों के लिए 7.50 लाख रुपये निर्धारित हैं। पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। सभी उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का ब्यौरा जमा करना होगा, अन्यथा उन्हें आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को अपने मामलों की जानकारी दो प्रमुख समाचार पत्रों और स्थानीय टीवी चैनलों पर कम से कम तीन अलग-अलग तिथियों पर प्रसारित करनी होगी। चुनाव में ईवीएम का उपयोग किया जाएगा, जिसमें महापौर और अध्यक्ष के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र तथा सदस्यों के लिए सफेद रंग का मतपत्र होगा, जिस पर उम्मीदवार की फोटो भी अंकित होगी।

मतदाताओं को 'नोटा' (NOTA) का विकल्प भी दिया जाएगा। आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को ऑब्जर्वर के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है तथा प्रदेश के मतदाताओं से बिना किसी भेदभाव के भारी संख्या में मतदान करने की अपील की है।

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्देश दिए हैं कि इस बार मतदाता पर्चियां (वोटर स्लिप) जिला प्रशासन द्वारा संबंधित मतदाताओं के घर-घर पहुंचाकर वितरित की जाएंगी। यह वितरण मतदान तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक मतदाता को अपने मतदान केंद्र और बूथ की स्पष्ट जानकारी समय रहते मिल सके तथा वह मतदान के दिन निर्धारित स्थल पर पहुंचकर सुगमता से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

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