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हरियाणा पुलिस में बड़ा प्रमोशन: 36 हेड कॉन्स्टेबल बने ASI

हरियाणा पुलिस के 36  हेड कांस्टेबल बने ASI, सरकार ने ग्रुप-डी का प्रमोशन कोटा भी बढ़ाकर किया 30%
 
Haryana Employees Promotion: 36 police head constables promoted to ASI and Group D quota increased to 30 percent

Haryana News: हरियाणा में पुलिस विभाग और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के मोर्चे पर दो बड़े प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। करनाल मंडल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डॉ. एम रवि किरण ने करनाल, पानीपत और कैथल जिलों में कार्यरत 36 हेड कांस्टेबलों को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इसी बीच, राज्य सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में एक अहम विधेयक पारित करते हुए ग्रुप-डी कर्मचारियों का प्रमोशन कोटा भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया है।

एडीजीपी डॉ. एम रवि किरण द्वारा जारी आदेशों के तहत प्रमोट हुए सभी 36 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि समयबद्ध पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और उनकी कार्यक्षमता में सुधार आता है। उन्होंने सभी नव-पदोन्नत सहायक उप निरीक्षकों को अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ निभाने के निर्देश दिए हैं। विभाग का मानना है कि इन प्रमोशन से मंडल के तीनों जिलों में अपराध जांच और कानून व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी।

महिला कर्मचारियों का इंतजार

पुलिस विभाग में जहां पुरुष कर्मचारियों को पदोन्नति की सौगात मिली है, वहीं दर्जनों महिला मुख्य सिपाही अब भी अपने प्रमोशन की राह देख रही हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, कई महिला हेड कांस्टेबलने दो साल से अधिक समय पहले अनिवार्य इंटरमीडिएट स्कूल का कोर्स सफलतापूर्वक पास कर लिया था। विडंबना यह है कि उनके साथ सेवा में आए बैचमेट पुरुष मुख्य सिपाही अब एएसआई बन चुके हैं, लेकिन इन योग्य महिला पुलिसकर्मियों की पदोन्नति अभी तक लंबित है। इस देरी के कारण महिला कर्मचारियों के बीच पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर असंतोष पनप रहा है।

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ग्रुप-डी का प्रमोशन कोटा बढ़ा

उधर, हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों के हित में 'हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक 2026' पेश किया। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की गैर-मौजूदगी में इस विधेयक को सदन द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में ग्रुप-डी कर्मचारियों को लिपिक संवर्ग में पदोन्नति पाने के लिए 10 से 15 वर्षों तक लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब पदोन्नति कोटा 20 से 30 प्रतिशत होने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तरक्की के रास्ते जल्दी खुलेंगे और सरकारी विभागों में उनका वर्षों का ठहराव खत्म होगा।
 

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