हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 5 'बागी' विधायकों के नाम आए सामने, पार्टी में मचा हड़कंप
16 मार्च 2026 को हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बेहद मुश्किल जीत मिली। 17 मार्च की सुबह करीब 1:10 बजे घोषित नतीजों के अनुसार, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध को 28 वोट मिले, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल को 27 वोट — यानी कर्मवीर बौद्ध ने महज एक वोट के अंतर से यह रोमांचक जीत हासिल की। जीत तो हुई, लेकिन इस चुनाव ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह सरेआम कर दी है। कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और पार्टी के 4 विधायकों के वोट अमान्य घोषित हो गए।
वो 5 नाम जिन्होंने पार्टी को दिया धक्का
जिन पांच विधायकों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें दो महिला विधायक हैं, दो मेवात इलाके से और एक फतेहाबाद जिले से हैं। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने मीडिया के सामने उन नामों का जिक्र किया जिन पर शक है। रिपोर्ट के मुताबिक इन विधायकों में शामिल हैं:
- मोहम्मद इलियास — पुन्हाना विधानसभा
- मोहम्मद इसराइल — हथीन विधानसभा
- जरनैल सिंह — रतिया विधानसभा
- रेनू बाला — साढौरा विधानसभा
- शैली चौधरी — नारायणगढ़ विधानसभा
शैली चौधरी के पति रामकिशन गुर्जर हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष थे। वोटिंग के दौरान शैली चौधरी विधानसभा के बाहर मुख्यमंत्री नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी के साथ नजर आई थीं।
कार्यकारी अध्यक्ष का इस्तीफा, पार्टी में भूचाल
शैली चौधरी पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगने के बाद उनके पति रामकिशन गुर्जर ने न केवल पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी, बल्कि राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया। रामकिशन गुर्जर के परिवारिक संबंध भाजपा से जुड़े होने की भी चर्चा है, जिसे इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शैली चौधरी चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों के साथ मौजूद थीं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 9 विधायकों के नाम पार्टी हाईकमान को सौंप दिए हैं — 5 पर क्रॉस वोटिंग का और 4 पर वोट निरस्त होने का आरोप है। राहुल गांधी के कड़े फैसलों की छवि को देखते हुए इन विधायकों पर कार्रवाई की संभावना और बढ़ गई है।
रात भर चला ड्रामा, फिर निकला नतीजा
भाजपा ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह और भरत सिंह बेनीवाल पर वोट की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया था, जबकि कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट पर आपत्ति जताई। रात 10 बजे के बाद चुनाव आयोग के दखल से मामला सुलझा — परमवीर सिंह का वोट रद्द किया गया, जबकि अनिल विज का वोट सही पाया गया। इसके बाद साढ़े दस बजे मतगणना दोबारा शुरू हो सकी।
वोटिंग से लेकर नतीजे आने तक पूरी चुनाव प्रक्रिया में 16 घंटे लग गए। कुल 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में इनेलो के दो विधायक वोटिंग से दूर रहे, जिससे वैध वोटों की संख्या 83 रह गई।
भाजपा पर खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि गुजरात के डिप्टी सीएम ने शिमला तक आकर विधायकों को खरीदने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश बताया।
कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने कहा है कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और पार्टी के पास इसके सबूत हैं।
हुड्डा ने कहा कि बहुमत के हिसाब से एक सीट भाजपा की और एक कांग्रेस की थी, लेकिन तीसरा उम्मीदवार लाकर भाजपा ने वोट चोरी की कोशिश की जो नाकाम रही।
वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पलटवार था — कांग्रेस को अपने विधायकों पर ही विश्वास नहीं है, इसीलिए विधायकों को एक तरह से बंदी बना लिया गया और कांग्रेस के बड़े नेता पोलिंग एजेंट बने।
हुड्डा की रणनीति से बची कांग्रेस की नाक
क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित कुफरी में सुरक्षित भेज दिया था। विधायकों को सिखाया गया कि राज्यसभा चुनाव की वरीयता प्रणाली के तहत वोट कैसे डाला जाता है।
2016 का स्याही कांड हरियाणा की राजनीति में आज भी याद किया जाता है जिसमें कांग्रेस के 14 वोट अमान्य घोषित हुए थे, और 2022 में क्रॉस वोटिंग से अजय माकन की हार हो गई थी। इस बार हुड्डा उसी इतिहास को दोहराने से बचना चाहते थे।
हुड्डा ने संभावित क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए जो रणनीति अपनाई, वह आखिरी क्षण में कामयाब रही और भाजपा उसमें सेंध लगाने में पूरी तरह सफल नहीं हुई। लेकिन जो 5 वोट पलटे, उनका घाव कांग्रेस को लंबे समय तक दर्द देता रहेगा।
अब पार्टी हाईकमान इन विधायकों को कड़ा संदेश देने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इन पर कार्रवाई का असर हरियाणा कांग्रेस की सियासत की दिशा तय करेगा।
