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सिरसा में गूंजा नामधारी समाज का जयकारा: जेपी नड्डा ने बताया क्यों ये समाज है देश की असली ताकत!

हरियाणा के मस्तानगढ़ में 'होला मोहल्ला' की धूम, नड्डा और बड़ौली ने किया चौंकाने वाला ऐलान!
 
 
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा हरियाणा के सिरसा में नामधारी समाज के होला मोहल्ला कार्यक्रम में सतगुरु उदय सिंह और अन्य बीजेपी नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार, 6 मार्च को हरियाणा के सिरसा जिले के मस्तानगढ़ गांव पहुंचे। यहां उन्होंने नामधारी समाज के मशहूर 'होला मोहल्ला' कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उनके साथ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी मौजूद थे। नड्डा ने साफ कहा कि नामधारी समाज का इतिहास सिर्फ पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि देश के लिए खून पसीना बहाने और समाज को सुधारने का रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे इस समाज ने हमेशा महिलाओं के हक और नशामुक्ति के लिए काम किया। यह दौरा केंद्र सरकार की सिख समाज को सम्मान देने की बड़ी पहल का हिस्सा माना जा रहा है।

समाज सुधार में सबसे आगे नामधारी

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जब भी देश पर कोई मुसीबत आई, नामधारी समाज सबसे आगे खड़ा मिला। चाहे कोरोना जैसी खतरनाक महामारी हो, भूकंप हो या बाढ़, इस समाज ने हमेशा लोगों की बिना स्वार्थ के मदद की है। उन्होंने याद दिलाया कि सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने ही साल 1701 में 'होला मोहल्ला' की शुरुआत की थी। यह कोई आम त्योहार नहीं है, बल्कि यह बहादुरी, अनुशासन और देशप्रेम का सबसे बड़ा सबूत है।

महिलाओं को दिलाया बराबर का हक

कार्यक्रम में मौजूद नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह जी ने बहुत ही गहरी बात कही। उन्होंने इतिहास के पन्ने पलटते हुए बताया कि सतगुरु राम सिंह जी ने उस दौर में महिलाओं के लिए आवाज उठाई, जब बच्चियों को जन्म लेते ही मार दिया जाता था या पैसों के लिए बेच दिया जाता था। उन्होंने सख्त नियम बनाया था कि जो भी ऐसा करेगा, उसे समाज से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, विधवाओं की दोबारा शादी करवाने और महिलाओं को पुरुषों के बराबर धार्मिक अधिकार (अमृत पान) दिलाने में भी नामधारी समाज का सबसे बड़ा रोल रहा है।

युवाओं के लिए 'वीर बाल दिवस'

इस मौके पर जेपी नड्डा ने एक अहम जानकारी भी शेयर की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सिख गुरुओं के वीर बच्चों की शहादत को हमेशा याद रखने के लिए हर साल 'वीर बाल दिवस' (जिसकी घोषणा 9 जनवरी 2022 को हुई थी) मनाने का फैसला किया है। इसका मकसद यही है कि आज की युवा पीढ़ी उन छोटे लेकिन महान बच्चों की बहादुरी से प्रेरणा ले सके। सरकार लगातार सिख समाज के शानदार इतिहास को दुनिया के सामने लाने का काम कर रही है।

फिर विश्व गुरु बनेगा अपना भारत

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने पश्चिमी देशों और भारत की सोच का अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि विदेश के लोग मानते हैं कि इंसान हर काम अपने फायदे के लिए करता है। लेकिन हमारे देश के संतों ने 'बिना किसी लालच के काम' (निष्काम कर्म) करने का रास्ता दिखाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर हम अपने संतों के बताए इसी रास्ते पर चलते रहे, तो भारत को फिर से 'विश्व गुरु' बनने से कोई नहीं रोक सकता।

नशे से मुक्ति ही असली विकास

आखिर में, हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने आज की सबसे बड़ी बीमारी 'नशे' पर चोट की। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने भारत को विकसित बनाने का जो सपना देखा है, वह तभी पूरा होगा जब हमारा समाज और हमारे युवा नशे जैसी बुराइयों से पूरी तरह दूर रहेंगे। संतों का आशीर्वाद और उनकी सीख ही हमें इस दलदल से बाहर निकाल सकती है।
 

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