आयरन स्टेकिंग तकनीक से सब्जी खेती पर 1.19 लाख तक सब्सिडी, किसानों की आय में बंपर बढ़ोतरी
आयरन स्टेकिंग तकनीक से सब्जी खेती पर 1.19 लाख रुपये तक की सब्सिडी, किसानों की आय में बड़ा उछाल
प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहन दे रही है। इसी कड़ी में सब्जी, मशरूम और आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत आयरन स्टेकिंग तकनीक से सब्जियां उगाने पर किसानों को 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सब्जी उत्पादन पर मिल रहा प्रति एकड़ आकर्षक अनुदान
बागवानी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत—
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सामान्य सब्जी खेती पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति एकड़
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बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये
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आयरन स्टेकिंग तकनीक पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक अनुदान
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प्लास्टिक मल्चिंग पर 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से सहायता
प्रदान की जा रही है।
मशरूम उत्पादन को भी मिल रहा बढ़ावा
मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा—
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मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये
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मशरूम ट्रे पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान
तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा बागवानी मशीनरी व उपकरणों की खरीद पर लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है।
बांस स्टेकिंग से 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक मुनाफा
जिला बागवानी अधिकारी नेहा यादव ने बताया कि विभागीय योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत व लाभकारी फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि—
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बांस स्टेकिंग तकनीक अपनाकर किसान लगभग 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का लाभ कमा रहे हैं
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गाजर की खेती से किसानों को करीब 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आमदनी हो रही है
अनुदान के लिए पंजीकरण जरूरी
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को
मेरी फसल–मेरा ब्यौरा पोर्टल पर
बागवानी फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
अनुदान पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ ले सकता है।
