https://www.choptaplus.in/

अमेरिका से डिपोर्ट हुए हरियाणा के युवाओं की कहानी: भारतीयों की अधूरी सपनों की उड़ान, हकीकत की ज़मीन पर वापसी

 
डंकी रूट

Introduction: डंकी रूट से अमेरिका तक का सफर

अमेरिका (USA) जाने का सपना हजारों भारतीय युवाओं की आंखों में बसता है। इनमें से कई लोग Illegal Immigration का रास्ता अपनाकर Donkey Route (डंकी रूट) के जरिए अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते हैं। हाल ही में, अमेरिका ने 104 Indians को Deport किया, जिनमें से हरियाणा, पंजाब और गुजरात के कई लोग शामिल थे।

डंकी रूट: जोखिम भरा सफर

डंकी रूट कोई आसान रास्ता नहीं होता। यह सफर कई देशों से होकर गुजरता है, जिसमें Brazil, Peru, Ecuador, Guatemala और Mexico शामिल हैं। Human Traffickers यानी मानव तस्कर, इन प्रवासियों को जंगलों, नदियों और खतरनाक रास्तों से गुजारते हैं। इस दौरान वे भूख, प्यास और हिंसा का शिकार भी होते हैं।

हरियाणा के युवाओं की अधूरी उड़ान

कैथल के अमन की कहानी

कैथल जिले के गांव अटेला के अमन ने अमेरिका जाने के लिए 35 लाख रुपए खर्च किए। परिवार को उम्मीद थी कि वह वहां जाकर अच्छी नौकरी करेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। लेकिन जैसे ही अमन अमेरिका पहुंचा, उसे पुलिस ने Arrest कर लिया और अब उसे डिपोर्ट कर दिया गया है।

करनाल के आकाश का संघर्ष

करनाल के आकाश ने 73 लाख रुपए खर्च करके अमेरिका जाने का फैसला किया। उसने अपनी Land Sell कर दी और कर्ज उठाया। हालांकि, Illegal Entry के कारण उसे अमेरिका से वापस भेज दिया गया।

फतेहाबाद के गगनप्रीत की कहानी

गगनप्रीत पहले UK में पढ़ाई करने गया था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसने अमेरिका जाने का फैसला किया। Visa Agent के झांसे में आकर वह Donkey Route से अमेरिका पहुंचा, लेकिन उसे भी 20 दिन पहले Detain कर लिया गया।

परिवारों की टूटी उम्मीदें

इन युवाओं के माता-पिता ने अपने घर, जमीन और गहने बेचकर लाखों रुपए इकट्ठे किए थे। कुछ ने Loans लिया, तो कुछ ने अपने रिश्तेदारों से उधार लिया। लेकिन जब उनके बेटे Deport होकर वापस आ गए, तो उनके सारे सपने टूट गए।

कुरुक्षेत्र के रोबिन की दर्दनाक दास्तान

रोबिन को 45 लाख रुपए खर्च करके अमेरिका भेजा गया। Agents ने उसे Brazil, Peru, Colombia और कई देशों में घुमाया। उसे जंगलों में भूखा-प्यासा रखा गया और उसके पैसे छीन लिए गए। आखिरकार, अमेरिका पहुंचते ही उसे डिपोर्ट कर दिया गया।

नीलोखेड़ी के परमजीत का परिवार

परमजीत ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ Illegal Entry के जरिए अमेरिका में बसने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें Detain कर लिया और डिपोर्ट कर दिया। अब वे अपने पुराने घर लौट आए हैं, लेकिन उनके पास कोई Financial Stability नहीं बची।

Deportation का असर: कर्ज और बेरोजगारी

इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्होंने जो Loan लिया था, वह अब चुकाने का कोई साधन नहीं बचा। Jobs न होने के कारण यह युवा अब बेरोजगार बैठे हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं।

डंकी रूट: अमेरिका जाने का खतरनाक सफर और डिपोर्ट किए गए भारतीयों की दर्दभरी कहानी

परिचय

भारत से अमेरिका जाने के लिए लोग कई वैध और अवैध रास्ते अपनाते हैं। अवैध रूप से अमेरिका जाने का एक तरीका है डंकी रूट, जो बेहद खतरनाक, महंगा और जानलेवा साबित हो सकता है। हाल ही में, अमेरिका ने 104 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जिनमें हरियाणा के कई युवक शामिल थे। इनमें करनाल के आकाश की कहानी चर्चा में रही, जिसने पनामा के घने जंगलों से सफर करते हुए अपने परिवार को वीडियो भेजे थे।

डंकी रूट क्या है?

डंकी रूट एक अनधिकृत मार्ग है, जिसमें लोग लैटिन अमेरिका के विभिन्न देशों से होते हुए अमेरिका की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। यह यात्रा हवाई मार्ग की तुलना में अधिक लंबी और खतरनाक होती है। डंकी रूट अपनाने वाले लोगों को महीनों तक खतरनाक जंगलों, रेगिस्तानों, बर्फीली नदियों और अपराधियों से भरे इलाकों से गुजरना पड़ता है।

डंकी रूट का पहला चरण: भारत से लैटिन अमेरिका

डंकी रूट का पहला पड़ाव लैटिन अमेरिकी देशों तक पहुंचना होता है। इन देशों में इक्वाडोर, बोलीविया, गुयाना आदि शामिल हैं, जहां भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, कुछ भारतीय ब्राजील और वेनेजुएला जैसे देशों में टूरिस्ट वीजा लेकर पहुंचते हैं।

इस दौरान कई लोग दुबई जैसे देशों के रास्ते लैटिन अमेरिका पहुंचते हैं। वहां से उन्हें कोलंबिया जाना होता है, जहां से उनकी असली कठिनाइयों की शुरुआत होती है। कुछ लोगों को महीनों तक कंटेनर में बंद रखा जाता है, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाते हैं।

डंकी रूट का दूसरा चरण: पनामा का डरावना जंगल और अपराधियों का खतरा

कोलंबिया से अमेरिका की यात्रा में सबसे कठिन हिस्सा पनामा का डेरियन गैप जंगल है। यह जंगल दुनिया के सबसे घने और खतरनाक जंगलों में से एक माना जाता है। यहां पर कई तरह के खतरनाक जीव-जंतु और अपराधी रहते हैं।

पनामा के जंगल में आने वाली मुश्किलें

गंदे पानी और कीचड़ से भरे रास्ते: सफर के दौरान लोगों को गंदे पानी और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है।

खतरनाक जीव-जंतु: यहां जहरीले सांप और अन्य खतरनाक जीवों का खतरा हर वक्त बना रहता है।

अपराधियों का अड्डा: यह जंगल ड्रग माफिया, लुटेरों और ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोहों के लिए कुख्यात है। डंकी रूट से जाने वाले लोगों से पैसे लूट लिए जाते हैं और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

भूख-प्यास का संकट: कई बार लोगों को दो-तीन दिन तक भूखा-प्यासा रहना पड़ता है, जिससे उनकी हालत बेहद खराब हो जाती है।

जो लोग पनामा के जंगलों से नहीं गुजरना चाहते, उनके पास एक और विकल्प होता हैवे कोलंबिया से नाव के जरिए निकारागुआ पहुंच सकते हैं। हालांकि, यह भी बेहद खतरनाक है, क्योंकि इस दौरान उन्हें समुद्री लुटेरों और खतरनाक समुद्री जीवों का सामना करना पड़ता है।

डंकी रूट का तीसरा चरण: मैक्सिको से अमेरिका में प्रवेश

डंकी रूट का अंतिम और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण होता है मैक्सिको से अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करना। इसके लिए दो मुख्य रास्ते होते हैं:

अमेरिका-मेक्सिको की सीमा पार करना इस रास्ते में 3,140 किमी लंबी दीवार को पार करना पड़ता है, जिसकी ऊंचाई 18 से 30 फीट तक होती है।

रियो ग्रांडे नदी पार करना जो लोग दीवार नहीं पार कर सकते, वे रियो ग्रांडे नदी के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस नदी में डूबने का खतरा बना रहता है।

अमेरिका पहुंचने के बाद की मुश्किलें

जब कोई व्यक्ति अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करता है, तो वह खुद को अमेरिकी पुलिस के हवाले कर देता है। इसके बाद उसे कैम्प (जेल) में रखा जाता है।

अमेरिका में अवैध रूप से घुसने के बाद संभावित परिणाम

अमेरिकी जेल (कैम्प) में रहना: अवैध अप्रवासियों को जेल में डाल दिया जाता है, जिसे "कैम्प" कहा जाता है।

वकील हायर करना: जेल से रिहाई के लिए एक वकील की जरूरत पड़ती है, जो आमतौर पर डंकी का कोई रिश्तेदार या एजेंट उपलब्ध कराता है।

इमिग्रेशन बॉन्ड: अगर कोई अमेरिकी नागरिक जमानत (बॉन्ड) भर देता है, तो डंकी को कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया जाता है।

आश्रय की मांग: कई डंकी खुद को शरणार्थी (Refugee) बताकर अमेरिका में रहने की अनुमति मांगते हैं।

डिपोर्ट होने का खतरा: अगर अमेरिकी अदालत को संतुष्ट नहीं किया जा सका, तो व्यक्ति को डिपोर्ट कर दिया जाता है।

अमेरिका जाने के लिए डंकी रूट का खर्चा

डंकी रूट से अमेरिका जाने का खर्चा 50 से 70 लाख रुपए तक होता है। यह खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि एजेंट कितना पैसा मांगता है और यात्रा कितनी सुगम होती है।

खर्च का विभाजन

भारत से निकलने पर पहली किश्त

लैटिन अमेरिका में प्रवेश करने पर दूसरी किश्त

अमेरिकी सीमा के पास पहुंचने पर अंतिम किश्त

अगर परिवार पैसे नहीं चुका पाता, तो एजेंट यात्रा रोक देते हैं या फिर व्यक्ति की हत्या कर देते हैं।

डंकी रूट अपनाने वाले लोग कौन होते हैं?

डंकी रूट से जाने वाले अधिकतर लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। वे कानूनी तरीके से अमेरिका नहीं जा सकते, क्योंकि वे अंग्रेजी में कमजोर होते हैं और आवश्यक परीक्षाएं पास नहीं कर पाते।

पहले पंजाब के युवा ही इस रास्ते को अपनाते थे, लेकिन अब हरियाणा और दिल्ली के लोग भी बड़ी संख्या में डंकी रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हरियाणा के युवाओं की दर्दनाक कहानियां

हाल ही में डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों में हरियाणा के कई युवा शामिल थे। इनमें कुछ प्रमुख नाम ये हैं:

आकाश: 73 लाख खर्च कर अमेरिका गया, 10 दिन बाद डिपोर्ट कर दिया गया।

अमन : 35 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन अमेरिका पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गगनप्रीत: इंग्लैंड पढ़ने गया था, लेकिन पैसे की कमी के कारण डंकी रूट अपनाया और डिपोर्ट हो गया।

अजय: 40 लाख खर्च किए, लेकिन अमेरिका में एंट्री से पहले ही पकड़ लिया गया।

परमजीत: पूरा परिवार अमेरिका गया था, लेकिन सबको डिपोर्ट कर दिया गया।

निष्कर्ष: क्या डंकी रूट सही विकल्प है?

डंकी रूट एक बेहद जोखिम भरा और महंगा तरीका है, जिससे न केवल पैसा बर्बाद होता है, बल्कि जान का भी खतरा रहता है। इस मार्ग से जाने वाले कई लोग अपराधियों के शिकार बनते हैं और कुछ तो अपनी जान तक गंवा देते हैं।

यदि कोई अमेरिका जाना चाहता है, तो उसे कानूनी तरीके अपनाने चाहिए। शिक्षा और कौशल बढ़ाकर लोग आसानी से स्टूडेंट वीजा, वर्क वीजा या ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

डंकी रूट एक खतरनाक सफर है, जिसमें कई लोग अपने सपनों के साथ-साथ अपनी जान भी गंवा देते हैं। इसलिए, सही रास्ता चुनना ही समझदारी है।

Rajasthan