मोबाइल में देखा था नाम, आज सामने हैं': रात्रि चौपाल में पूर्व सरपंच की बात सुन मुस्कुराईं टीना डाबी
ग्राम गोपालपुरा के संकरे रास्ते का प्रमुखता से उठा मुद्दा
इस रात्रि चौपाल में कलेक्टर टीना डाबी और निवाई के स्थानीय विधायक रामसहाय वर्मा मुख्य रूप से मौजूद थे। चौपाल में केरोद की ग्राम पंचायत गोपालपुरा के दर्जनों ग्रामीण अपनी सड़क की समस्या लेकर पहुंचे थे। पूर्व सरपंच भंवरलाल यादव ने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि गांव का मुख्य रास्ता इतना संकरा है कि वहां से चारे की ट्रॉली, रोडवेज बस और बारात की बसें तक नहीं निकल पातीं। बार-बार जाम लगने और हादसों का डर बने रहने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कलेक्टर से इस रास्ते के जल्द से जल्द चौड़ीकरण की पुरजोर मांग रखी ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो सके।

मौके पर तलब किए गए ग्राम विकास अधिकारी
तालियों की गूंज के बीच कलेक्टर टीना डाबी ने राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय का परिचय देते हुए विधायक रामसहाय वर्मा की ओर इशारा किया और विनम्रता से कहा कि वे यहां विधायक महोदय के आदेश पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनने आई हैं। इसके तुरंत बाद, रास्ते की समस्या पर सीधा एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को अपने पास तलब किया। उन्होंने पूर्व सरपंच भंवरलाल यादव की ओर से दी गई लिखित एप्लीकेशन पर मार्क करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस संकरे रास्ते की पैमाइश कर चौड़ीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
रात्रि चौपाल से ग्रामीणों में जगी स्थायी समाधान की उम्मीद
कलेक्टर के इस त्वरित एक्शन और मौके पर ही अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देशों के बाद गोपालपुरा और केरोद के ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। प्रशासन की इस सीधी और 'ऑन द स्पॉट' कार्यप्रणाली से ग्रामीणों को पक्का विश्वास हो गया है कि दशकों से अटकी उनके रास्ते की समस्या का अब जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर निपटारा हो जाएगा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की जनसुनवाइयां जारी रहेंगी ताकि ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे उच्चाधिकारियों के समक्ष रख सकें।
