https://www.choptaplus.in/

सांसदों और पूर्व सांसदों केवेतन में भारी बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे इतने रुपए

जानिए आम जनता की प्रतिक्रिया
 
सांसदों की बढ़ी सैलरी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सांसदों और पूर्व सांसदों के वेतन एवं भत्तों में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है। यह निर्णय संसद में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया, जिसमें सांसदों की जिम्मेदारियों, बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखा गया। इस संशोधन के तहत सांसदों का मूल वेतन और अन्य भत्तों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर सकें।

 

 

सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के वेतन को बढ़ा दिया है। सांसदों की सैलरी के अलावा भत्ते और पूर्व संसद सदस्यों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी। संसदीय कार्य मंत्रालय ने सोमवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया। नोटिफिकेशन के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों का वेतन 1 लाख रुपये से बढ़कर 1.24 लाख रुपये प्रति माह हो गया है। वहीं, दैनिक भत्ता 2,000 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है।

 

जानिए आम जनता की प्रतिक्रिया

सैलरी के अलावा पेंशन में भी इजाफा

इसके अलावा पूर्व सांसदों की पेंशन भी 25,000 रुपये से बढ़कर 31,000 रुपये प्रति माह हो गई है। इसके अलावा, पांच साल से अधिक की सेवा के लिए अतिरिक्त पेंशन 2,000 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है। यह फैसला संसद के बजट सत्र के बीच में आया है। इससे पहले, सांसदों के वेतन और भत्तों में बदलाव अप्रैल 2018 में किया गया था।सासंदों को और क्या सुविधाएं मिलती हैं?

 

इसके अलावा यह भी मिलता है

इसके अलावा, सांसदों को हर साल फोन और इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए भी भत्ता मिलता है। वे अपने और अपने परिवार के लिए साल में 34 फ्री डोमेस्टिक फ्लाइट में सफर कर सकते हैं। वे काम के लिए या निजी तौर पर कभी भी फर्स्ट क्लास में ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं। सड़क से यात्रा करने पर भी उन्हें ईंधन का खर्च मिलता है। सांसदों को हर साल 50 हजार यूनिट बिजली और 4 हजार किलोलीटर पानी भी मुफ्त मिलता है। सरकार उनके रहने का भी इंतजाम करती है। सांसदों को दिल्ली में 5 साल के लिए बिना किराए के घर मिलता है। उन्हें उनकी सीनियरिटी के हिसाब से हॉस्टल के कमरे, अपार्टमेंट या बंगले मिल सकते हैं। जो सांसद सरकारी घर नहीं लेते, उन्हें हर महीने घर का भत्ता मिलता है।

जनता ने ली चुटकी

हालांकि जनता ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। की लोगों ने तर्क दिया कि जब देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है, तब सांसदों के वेतन में वृद्धि करना उचित नहीं है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को पहले आम जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। सांसदों के वेतन और भत्तों में वृद्धि पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां सरकार इसे सांसदों के कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाने का एक जरिया मान रही है, वहीं जनता इसे प्राथमिकता के गलत निर्धारण के रूप में देख रहे हैं।

Rajasthan