Sirsa News: गांव दड़बा कलां के खेतों में लगी आग, तेज आंधी के कारण फैली आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ी घटना
Sirsa News: जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव दड़बा कलां में सोमवार, 28 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे शेरांवाली नहर के समीप खेतों में रखे गेहूं के भूसे में अचानक आग लग गई। उस वक्त तेज आंधी चल रही थी, जिसके कारण आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और गांव की दिशा में बढ़ने लगीं। समय रहते ग्रामीण एकजुट हुए और फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग को काबू में कर लिया।
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। एक ओर ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड विभाग को सूचित किया, दूसरी ओर खुद ही आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। ग्रामीणों की इस तत्परता से आग घरों तक नहीं पहुंच सकी। इस घटना में करीब 5 एकड़ में रखा गेहूं का भूसा जलकर राख हो गया। किसानों ने यह भूसा तूड़ी बनाने के लिए खेतों में इकट्ठा करके रखा था।
आग कैसे फैली इतनी तेज?
गेहूं का भूसा बेहद ज्वलनशील होता है और रात के वक्त चल रही तेज आंधी ने आग को हवा दे दी। शेरांवाली नहर के किनारे खुले खेतों में रखा भूसा देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें गांव की बस्ती की तरफ बढ़ने लगीं, जिससे घरों तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया। अगर ग्रामीण कुछ देर और देर करते, तो आग घरों तक पहुंचकर भारी जान-माल का नुकसान कर सकती थी।
सिरसा जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई के बाद किसान भूसा खेतों में ही रखते हैं। गर्म और शुष्क मौसम में जरा-सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले लेती है। इस महीने रानियां क्षेत्र में भी तीन अलग-अलग जगहों पर लगी आग में 37 एकड़ गेहूं का भूसा जल चुका है, जो बताता है कि अप्रैल-मई में खेतों में आग का खतरा कितना बढ़ जाता है।
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची बड़ी तबाही
इस घटना में ग्रामीणों की एकजुटता सबसे अहम रही। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने का इंतजार किए बिना गांव के लोग खुद ही आग से मोर्चा लेने उतर पड़े। उनकी तेज प्रतिक्रिया के चलते आग 5 एकड़ के दायरे में ही सीमित रह गई और आगे नहीं फैल सकी। अगर आग घरों तक पहुंच जाती, तो न केवल किसानों की संपत्ति बल्कि परिवारों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।
फिलहाल प्रशासन की तरफ से किसानों के नुकसान का कोई आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है। जले भूसे का नुकसान उठाने वाले किसानों को मुआवजे की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि फायर ब्रिगेड की त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में और बड़ा नुकसान न हो।
