हरियाणा में गेहूं खरीद सीजन से पहले आढ़तियों को बड़ा झटका, इन नए नियमों से मची खलबली
सिरसा (Chopta Plus): प्रदेशभर में गेहूं खरीद का सीजन शुरू होने से पहले ही मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा के नए नियमों ने आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को आढतियान एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोहर मेहता और पूर्व जिला सहसचिव महावीर शर्मा ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया है कि मार्केटिंग बोर्ड द्वारा थोपे गए नए नियमों के कारण आढ़तियों के लिए मंडी में काम कर पाना लगभग नामुमकिन हो गया है।
बायोमेट्रिक और डिजिटल कंडे की शर्त पर बवाल
पदाधिकारियों ने बताया कि नई नियमावली के मुताबिक, मंडी में प्रवेश करते समय किसानों के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी आढ़तियों को अब फर्शी की जगह डिजिटल कंडा इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को क्षेत्र विशेष में ही टोकन कटवाने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिसका आढ़ती कड़ा विरोध कर रहे हैं।

टूटी सड़कें और जगह की कमी बढ़ा रही हादसे का डर
इस बार बंपर गेहूं की फसल होने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए आढ़तियों को अतिरिक्त फड (जगह) की जरूरत होगी। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे फसल गिराने के स्थान को लेकर विवाद की आशंका है। इसके अलावा, मंडी की सड़कें पूरी तरह टूटी हुई हैं। ऐसे में गेहूं लेकर आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रक हादसे का शिकार हो सकते हैं। नगर परिषद सिरसा को इन सड़कों की मरम्मत के लिए पहले भी आग्रह किया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस है।
5 विभागों का हस्तक्षेप और नए फरमान से शोषण
सिरसा अनाजमंडी में पांच अलग-अलग विभागों के हस्तक्षेप के कारण आढ़तियों को काम की स्वीकृति के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिसे वे अपने शोषण के समान मानते हैं। मनोहर मेहता और महावीर शर्मा ने कहा कि मंडी में केवल पंजीकृत किसानों का आना अनिवार्य करने की शर्त को लागू करना नामुमकिन है। इसके अलावा, हर बार एक ही ठेकेदार को कई एजेंसियों का काम सौंप दिया जाता है, जिससे मंडी में अव्यवस्था फैलती है। गांवों में गेहूं खरीद के लिए मार्केट कमेटियों से लाइसेंस लेने और दुकान किराए पर लेने के नए फरमान ने भी आढ़तियों की परेशानी बढ़ा दी है।
18 मार्च को हिसार की बैठक में लिया जाएगा बड़ा फैसला
एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोहर मेहता ने ऐलान किया है कि आगामी 18 मार्च को हिसार में आढतियान एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में इन सभी ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और प्रदेश सरकार से इन थोपे गए नियमों को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की जाएगी।
