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सिरसाः जमाल गौशाला में बेसहारा गायों के लिए बनेगा 10 लाख का शेड, गौ सेवा आयोग ने रखी नींव

 
सिरसा के जमाल गांव की गौशाला में 10 लाख के शेड की नींव रखते गौ सेवा आयोग के सदस्य और ग्रामीण

नाथूसरी चौपटा (सिरसा)। बेसहारा और सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को आसरा देने के लिए हरियाणा सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सिरसा जिले के गांव जमाल स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती गौशाला में गायों के लिए 10 लाख रुपये की भारी लागत से एक बड़ा और पक्का शेड बनाया जाएगा। हरियाणा गौ सेवा आयोग के सदस्य अजीत सिहाग और गौशाला कमेटी के सदस्यों ने मिलकर इस नए शेड की नींव रखी। इस शेड के बनकर तैयार होने से गौशाला में पल रही सैकड़ों गायों को सर्दी, भयंकर गर्मी और बरसात से राहत मिलेगी।

jamal gaushala sirsa news

इस मौके पर जानकारी देते हुए विजय कुमार शास्त्री ने बताया कि जो भी गौशालाएं सड़कों पर घूमने वाली बेसहारा गायों को आसरा देती हैं, उन्हें प्रदेश सरकार और गौ सेवा आयोग की तरफ से सीधी आर्थिक मदद दी जाती है। इसी योजना के तहत जमाल की गौशाला को शेड निर्माण के लिए यह 10 लाख रुपये का सरकारी अनुदान मिला है। शेड की नींव रखने पहुंचे अजीत सिहाग ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार गायों की रक्षा के लिए हर समय तैयार है। सरकार समय-समय पर कई योजनाओं के जरिए गौशालाओं का बजट लगातार बढ़ा रही है ताकि कोई भी गाय सड़क पर बेसहारा न घूमे।

शेड निर्माण का सरकारी पैसा मिलने पर गौशाला कमेटी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दिल से आभार जताया। नींव रखने के इस खास मौके पर गौशाला के प्रधान ओमप्रकाश, शेरसिंह पूनियां, गिरधारी लाल, सतपाल स्वामी, भूपसिंह बैनीवाल, सुरेंद्र कुमार डूडी और पशु चिकित्सक डॉ. विजय कुमार सहित गांव के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

गौशालाओं के लिए सरकारी अनुदान लेने की प्रक्रिया (आवेदन का तरीका):

  1. सबसे पहले अपनी गौशाला का रजिस्ट्रेशन 'हरियाणा गौ सेवा आयोग' (Haryana Gau Seva Aayog) में करवाना सुनिश्चित करें।
  2. गौशाला में बेसहारा गायों का पूरा रिकॉर्ड, जमीन की फर्द (कागज) और कमेटी का बैंक खाता एकदम अपडेट रखें।
  3. सरकारी अनुदान (शेड निर्माण या चारे के लिए) लेने के लिए 'सरल हरियाणा पोर्टल' (saralharyana.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
  4. ऑनलाइन फॉर्म के साथ अपनी गौशाला की जरूरत की एक रिपोर्ट और बेसहारा गायों की संख्या का शपथ पत्र (हलफनामा) स्कैन करके अपलोड करें।
  5. फॉर्म जमा होने के बाद पशुपालन विभाग के अधिकारी आपकी गौशाला का निरीक्षण करेंगे और रिपोर्ट सही पाए जाने पर अनुदान का पैसा सीधे गौशाला कमेटी के खाते में भेज दिया जाएगा।
     
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