2025 के मुआवजे और बीमा क्लेम को लेकर किसानों में रोष, सिरसा में 19 मार्च को जुटेंगे हजारों किसान
खरीफ 2025 के मुआवजा व बीमा क्लेम जारी करने में गड़बड़ियों को लेकर सिरसा जिले के किसान बीकेई के बैनर तले 19 मार्च को उपायुक्त सिरसा को मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे मांग पत्र: लखविंदर सिंह औलख
सिरसा। भारतीय किसान एकता बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बीकेई कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि किसान आंदोलन भाग-2 (शंभू व खनौरी मोर्चे) को कुचलने व किसानों का सामान चोरी करने को 1 साल पूरा होने पर 19 मार्च को किसानों द्वारा लघु सचिवालय में भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका जाएगा।
वीरवार, 19 मार्च को सुबह 10:30 बजे सिरसा जिले के किसान बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित होंगे। वहां से जुलूस की शक्ल में भगवंत मान की अर्थी के साथ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय सिरसा पहुंचेंगे। औलख ने कहा कि किसानों मजदूरों की मांगों को लेकर 401 दिनों से शांतिपूर्ण चल रहे किसान आंदोलन भाग-2 (शंभू व खनौरी बॉर्डर पर) को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने केंद्र के इशारे पर 19 मार्च 2025 को उजाड़ने का काम किया और किसानों की ट्रालियों सहित सामान की भी लूट की।
स अत्याचार के एक साल पूरा होने पर भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका जाएगा और तत्पश्चात उपायुक्त को किसानों-मजदूरों की मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों के साथ बार-बार हो रही गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग रखी जाएगी, जिसमें मुख्यत: क्रॉप कटिंग करते समय गांव को इकाई मानने की बजाय एक किसान को इकाई माना जाए, ताकि खराब हुई फसलों की बीमा क्लेम से भरपाई करवाई जा सके। खरीफ -2025 में भारी बरसात, जलभराव व बाढ़ से सिरसा जिले में बहुत भारी नुक्सान हुआ था।
हरियाणा सरकार ने जो मुआवजा और बीमा क्लेम जारी किया है, उसमें बहुत सारी अनियमिताएं हैं, कई गांवों का भारी नुकसान हुआ था जिन्हें ना तो मुआवजा मिला है और ना ही बीमा क्लेम। हमारी सरकार से अपील है कि खरीफ 2025 में बीमा और मुआवजे से वंचित सभी किसानों की खराब हुई फसलों की भरपाई करवाई जाए और क्रॉप कटिंग में हुई गड़बड़ियों को दूर किया जाए। एक्स्ट्रा पॉल्यूशन में गये 18 गांवों का बकाया बीमा क्लेम भी जल्द जारी किया जाए।
कई किसानों का बीमा प्रीमियम तो पूरे रकबे का काट लिया गया था, लेकिन बीमा क्लेम 1-2 एकड़ जमीन का जारी किया गया है। खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में सिरसा जिले के कई किसानों का बीमा जारी करने की बजाय बीमा कंपनी ने प्रीमियम कई महीनों बाद वापिस कर दिया है और कई किसानों को ना तो बीमा क्लेम मिला है और ना ही बीमा प्रीमियम वापस आया है। बीमा प्रीमियम किसानों से दोबारा लेकर उन्हें बीमा क्लेम जारी किया जाये। जिन किसानों की केसीसी बनी हुई है, उन किसानों का खरीफ व रबी सीजन का बीमा प्रीमियम बैंकों द्वारा 31 जुलाई व 31 दिसम्बर को बिना उनकी मर्जी से उनके खातों से काट लिया जाता है।
अपील है कि जब तक किसान फसल बीमा न करवाने चाहे तब कि उसके बैंक खाते से उसकी बीमा प्रीमियम राशि ना काटी जाये और ना ही उससे बीमा प्रीमियम रोकने के लिए बार-बार लिखित में लिया जाये। खरीफ -2020 में सिरसा जिले में सफेद मच्छर से नरमें की फसल बर्बाद हो गई थी। जिसका लम्बे संघर्ष के बाद हरियाणा सरकार ने डबवाली, कालांवाली, गोरीवाला व सिरसा 4 तहसीलों का 65 करोड़ के लगभग मुआवजा जारी किया था। पहले 2023 में यह फण्ड तहसीलों में भेजा गया, जो राजस्व विभाग ने किसानों के खातों में जारी न करने की वजह से 31 मार्च 2024 को वापिस हो गया।
उसके बाद दूसरी बार यह राशि तहसीलों को जारी की गई, दूसरी बार भी तहसील अधिकारियों/कर्मचारियों की लाहपरवाही की वजह से पूरी राशि किसानों को जारी नहीं की गई। यह राशि भी शीघ्र जारी की जाए। सिरसा जिले में नहरों में पानी की सप्लाई शैड्यूल के हिसाब से नहीं की जा रही है। बार-बार बिना किसी सूचना के नहरें बन्द कर दी जाती है। घग्घर नदी की खुदाई व बांधों की मजबूती न होने के कारण हर बार घग्घर नदी के साथ लगते इलाके को बाढ़ की चपेट से भारी नुक्सान होता है।
घग्घर नदी की खुदाई करवाई जाये तथा दोनों तरफ बने हुए बांधों को मजबूत करके उन पर पक्की सड़कें बनवाई जाये। हिसार घग्घर ड्रेन से बरसात के सीजन में सिरसा जिले के चौपटा क्षेत्र में भारी तबाही होती है और सेमग्रस्त एरिया भी हर साल बढ़ रहा है। हिसार घग्घर ड्रेन का स्थाई समाधान किया जाये, ताकि किसानों को जलभराव व सेम से होने वाले नुक्सान से बचाया जा सके। इसमें केमिकल युक्त पानी न डाला जाए। हिसार घग्घर ड्रेन पर ओटू हैड के नजदीक साईफन बनाया गया था, जोकि कामयाब नहीं हुआ है।
इस पर परमानेंट लिफ्टिंग सिस्टम लगाया जाए। ओटू हैड पर एनजीसी नहर पर खरीफ सीजन में फल्डी पानी की सप्लाई बाधित न हो, उसके लिए एनजीसी नहर पर साइफन का निर्माण किया जाये। औलख ने कहा कि परमल धान की खरीद में हरियाणा में बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें सिरसा जिला भी शामिल है। कालांवाली की फग्गू अनाज मण्डी में नमी के नाम पर किसानों से 10 से 20 किलो. प्रति क्विंटल धान की काट ली गई है। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई जांच कमेटी को सभी सबूत देने के बावजूद भी अभी तक लूट में शामिल अधिकारियों व राईस शेलर मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और ना ही किसानों की भरपाई करवाई गई है।
बीटी कॉटन वाले किसान लम्बे समय से नरमे की फसल न होने की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। वर्ष 2006 के बाद बीटी कॉटन में कोई सुधार नहीं किया गया है। आपसे अपील है कि उत्तम क्वाटिली के बीज किसानों को उपलब्ध करवाये जाएं। सिरसा जिले के किसानों से अपील है कि वीरवार 19 मार्च सुबह 10:30 ज्यादा से ज्यादा संख्या में शहीद भगत सिंह स्टेडियम बरनाला रोड पहुंचे, ताकि हम सब मिलकर अपने हकों की आवाज उठा सकें। इस मौके पर बीकेई से अंग्रेज सिंह कोटली, सुभाष झोरड़, गुरप्रीत सिंह संधू, मास्टर पाली राम मौजूद रहे।
