सिरसा में 24 मई को होने वाले सिक्ख सम्मेलन की बदली तारीख, जाने वजह और नई डेट
हरियाणा के सिरसा की नई अनाज मंडी में 24 मई को प्रस्तावित विशाल सिक्ख सम्मेलन अब किसानों की खरीफ फसल बिजाई के चलते 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस बदलाव से प्रदेश भर की सिख संगत और किसान अब बिना किसी बाधा के खेतों के काम से मुक्त होकर इस महासम्मेलन में बड़ी संख्या में भाग ले सकेंगे।
जूम मीटिंग में लिया गया फैसला
सिख संगत की लगातार आ रही अपीलों के बाद आयोजक कमेटियों ने एक आपातकालीन जूम मीटिंग बुलाई। इस ऑनलाइन बैठक में खरीफ सीजन की व्यस्तता और किसानों की समस्याओं पर गहराई से चर्चा हुई।
हरियाणा सिक्ख एकता दल के प्रमुख नेता लखविंदर सिंह औलख ने नई तारीख का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अब यह विशाल सम्मेलन रविवार, 13 सितंबर 2026 को सिरसा की नई अनाज मंडी में पूरे जोशो-खरोश के साथ होगा।
किसानों की मांग पर बदली तारीख
मई का महीना हरियाणा के किसानों के लिए नरमा और धान की बिजाई का मुख्य समय होता है। सिरसा और आसपास का पूरा क्षेत्र कृषि प्रधान है, जिसके कारण अधिकतर सिख परिवार इस समय खेतों में व्यस्त रहते हैं।
सुखविंदर सिंह खालसा और प्रकाश सिंह साहूवाला ने संयुक्त बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "संगत की मांग को सर्वोपरि रखते हुए हमने सर्वसम्मति से आयोजन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि किसान भाई बिजाई से फ्री होकर इसमें शामिल हो सकें।"
अकाल तख्त जत्थेदार को विशेष निमंत्रण
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी और अकाल पंथक मोर्चा की ओर से युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। यह सम्मेलन 8 सितंबर 2024 को करनाल में हुए सम्मेलन की अगली कड़ी है।
नेताओं ने बताया कि सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को मुख्य अतिथि के रूप में विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाएगा। पूरे हरियाणा से सिख संगत इस आयोजन में शिरकत करेगी।
सिख संस्थाओं में सरकारी दखलअंदाजी का विरोध
बैठक के दौरान वक्ताओं ने हरियाणा में सिख संस्थाओं के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई। गुरमेज सिंह सिरसा और मुख्तार सिंह ने सिख पंथ की मजबूती के लिए सभी से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की।
वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी, "हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य धार्मिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार की सरकारी दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने संस्थाओं को बदनाम करने वाली साजिशों का भी कड़ा विरोध किया।
सभी सिख संगठन अब 13 सितंबर के सम्मेलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर संगत को लामबंद करने का सघन जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे।
