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Sirsa News: वीटा मिल्क प्लांट में दूध रेट कटौती के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोला, दी ये बड़ी चेतावनी

 
Farmers protest against milk price cut at Vita Milk Plant Sirsa

सिरसा: भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने वीटा मिल्क प्लांट सिरसा में दूध के रेट में की गई कटौती को वापस लेने और पशुपालक किसानों की बकाया पेमेंट तुरंत जारी करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट के कार्यकारी सीईओ दिनेश मेहता बड़े ठेकेदारों पर मेहरबान हैं और किसानों के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।

औलख ने बताया कि वीटा प्लांट को हर महीने की 5, 15 और 25 तारीख को भुगतान करना होता है, लेकिन वर्तमान में भुगतान समय पर नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल से दूध के रेट में कटौती कर दी गई है, जिससे पशु चारे और अन्य उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े ठेकेदारों से बिना किसी गुणवत्ता जांच के दूध खरीदा जा रहा है और कथित रूप से प्रति लीटर 1 से 2 रुपये तक रिश्वत ली जा रही है।

Vita Milk Plant Sirsa Farmer Protest

दरअसल, कम सब्सिडी के रूप में पशुपालकों को जो बोनस दिया जाता है, उसकी भरपाई वीटा प्लांट द्वारा दूध के रेट कम करके कर दी जाती है। औलख ने आरोप लगाया कि रेट और बोनस मिलाकर भी बाजार से कम मूल्य पर किसानों से दूध खरीदा जाता है। यह पहली बार नहीं है जब वीटा प्लांट में भुगतान को लेकर विवाद हुआ हो। अगस्त 2023 में भी किसानों और सोसायटी संचालकों ने बकाया भुगतान को लेकर वीटा मिल्क प्लांट पर ताला जड़ दिया था, जहां सरकारी विभागों पर प्लांट का 47 करोड़ रुपये बकाया था।

औलख ने यह भी बताया कि 8 अप्रैल की रात एक ठेकेदार के दूध के टैंकर को निम्न क्वालिटी की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था, लेकिन सीईओ दिनेश मेहता को मोटी रिश्वत देने के बाद नियमों के विरुद्ध मिलावटी दूध का टैंकर प्लांट में तौला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है और मिलावटी दूध को रिश्वत लेकर प्लांट में स्वीकार किया जा रहा है। इसके अलावा, कई ठेकेदार स्थानीय किसानों से दूध नहीं लेकर बाहरी स्रोतों से अवैध तरीकों से दूध लाकर सप्लाई कर रहे हैं।

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बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने पुराने घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि ये अधिकारी पहले से ही भ्रष्ट हैं और पहले भी जेनरेटर खरीद घोटाला कर चुके हैं, जिसकी विजिलेंस जांच चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूध के रेट में की गई कटौती वापस नहीं ली गई और बकाया पेमेंट तुरंत जारी नहीं की गई, तो संगठन द्वारा वीटा मिल्क प्लांट सिरसा का घेराव कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में वीटा ने अपने फुल क्रीम दूध की पैकिंग का वजन घटाकर कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे उपभोक्ता भी नाराज हैं।
 

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