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पंजाब-हरियाणा में मानसून की नई करवट: 27 जुलाई से अलर्ट, आठ जिलों के लिए चेतावनी.

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक राज्य में मौसम सामान्य बना रहेगा।
 
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इन जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है

पंजाब और हरियाणा में मानसून अब नई करवट लेने जा रहा है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

यह अलर्ट हिमाचल से सटे पंजाब के कुछ जिलों और हरियाणा के कुछ हिस्सों के लिए चेतावनी के रूप में जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पंजाब में सामान्य से कम बारिश

पंजाब में जुलाई माह में अब तक सामान्य से लगभग 10% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य रूप से 1 से 24 जुलाई के बीच औसतन 125.8 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस बार केवल 113.1 मिमी बारिश ही दर्ज हुई है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक राज्य में मौसम सामान्य बना रहेगा। हालांकि, 27 जुलाई से स्थिति बदल सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब के जिलों होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, रूपनगर, नवांशहर, आनंदपुर साहिब, मोहाली और चमकौर साहिब में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में अचानक तेज वर्षा, आंधी और जलभराव की स्थिति बन सकती है।

हरियाणा में बारिश बनी राहत और परेशानी दोनों

हरियाणा में मानसून की रफ्तार तेज है। बुधवार देर रात को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वीरवार को सुबह से ही कहीं-कहीं बादल छाए रहे तो कहीं धूप निकली, जिससे मौसम सुहावना रहा।

पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई जगहों पर अब भी पिछले दिनों की वर्षा का पानी सड़कों पर जमा है, जिससे यातायात और आमजन को परेशानी हो रही है।

विशेषकर करनाल, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला जिलों में बारिश के बाद जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने हरियाणा के कुछ उत्तरी जिलों में भी 27 और 28 जुलाई को हल्की से मध्यम वर्षा की चेतावनी दी है। किसानों और यात्रियों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।

हिमाचल में तबाही जैसे हालात

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शिमला और कुफरी में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। पांवटा साहिब-शिलाई हाईवे पर दलदली स्थिति बनने से कई वाहन फंस गए।

इसके अलावा कसौली में एक 200 साल पुरानी इमारत स्नो व्यू कोठीपर रात के समय तीन बड़े पेड़ गिर गए, लेकिन वहां सो रहा परिवार चमत्कारिक रूप से बच गया।

क्या करें, क्या न करें?

मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए लोगों को चाहिए कि वे बारिश के दौरान यात्रा से बचें और अपने घरों या सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसान भी खेतों में जाने से पहले मौसम अपडेट जरूर चेक करें।

एहतियात के तौर पर:

मोबाइल में मौसम संबंधित ऐप रखें।

अनावश्यक यात्रा न करें।

जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।

वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

पंजाब-हरियाणा और हिमाचल के लिए यह समय मौसम के लिहाज से सतर्कता बरतने का है। 27 और 28 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे आमजन और प्रशासन दोनों को तैयार रहना होगा।

मौसम की छोटी सी अनदेखी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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